बस्तर बाढ़ में NMDC की त्वरित मदद, 48 घंटे में पुणे से मंगाई 4 स्पीड बोट, अब तेजी से होगा रेस्क्यू

बाढ़ में फंसे लोगों की सुरक्षित निकासी और राहत सामग्री पहुंचाने में मिलेगी बड़ी मदद, 8-10 लोगों को एक साथ ले जा सकेगी हर बोट
जगदलपुर। बस्तर में भारी बारिश और बाढ़ से बिगड़े हालात के बीच राहत और बचाव अभियान को तेज करने के लिए NMDC ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार की आपात जरूरत सामने आने के बाद कंपनी ने महज 48 घंटे के भीतर पुणे से चार रेस्क्यू स्पीड बोट मंगाकर जिला प्रशासन को सौंप दीं।
इन स्पीड बोट की मदद से बाढ़ प्रभावित गांवों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ-साथ राहत सामग्री और जरूरी सामान पहुंचाने का काम भी तेज होगा। प्रत्येक बोट में करीब 8 से 10 लोगों के बैठने की क्षमता है।
पहले से दी गई बोट के बाद चार और नावें
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए NMDC स्टील लिमिटेड पहले ही एक रेस्क्यू बोट उपलब्ध करा चुका था। लेकिन लगातार बढ़ती जरूरत को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त नावों की मांग की गई। अनुरोध मिलते ही NMDC ने बिना देरी किए पुणे से चार मोटर बोट की व्यवस्था कर दी। 30 सितंबर को नगरनार पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम में चारों स्पीड बोट बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा को सौंप दी गईं।

सांसद महेश कश्यप बोले- अभूतपूर्व आपदा, और नावों की जरूरत थी
कार्यक्रम में बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि वर्तमान बाढ़ की स्थिति अभूतपूर्व है। राहत शिविरों में सामग्री वितरण का काम चल रहा है और प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त नावों की जरूरत महसूस की जा रही थी। उन्होंने बताया कि NMDC प्रबंधन से बात करने के बाद कंपनी ने तत्काल पुणे से चार मोटर बोट मंगाकर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराईं। सांसद ने NMDC के सहयोग को सराहनीय बताते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए भी जिला प्रशासन से चर्चा की जा रही है।
इन गांवों में पहुंचेगी मदद
इन स्पीड बोट का इस्तेमाल नगरनार, भेजापदर, करनपुर और उपनपाल समेत अन्य बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायतों में किया जाएगा।
स्पीड बोट के जरिए
- बाढ़ में फंसे लोगों का रेस्क्यू
- सुरक्षित स्थानों तक लोगों की निकासी
- राहत सामग्री का परिवहन
- आपातकालीन सहायता जैसे काम किए जाएंगे।

कलेक्टर ने कहा- जनजीवन सामान्य करना प्राथमिकता
बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने कहा कि प्रशासन जनजीवन को जल्द सामान्य करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राहत और बचाव कार्यों में समाज के सभी वर्गों का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि NMDC हमेशा लोगों की मदद के लिए तत्पर रही है और आगे भी सहयोग जारी रहने की उम्मीद है।
नगरनार स्टील प्लांट के अधिशासी निदेशक प्रमोद कुमार ने बस्तर क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में पैलेट प्लांट के अधिशासी निदेशक केपी सिंह भी मौजूद रहे।
NMDC ने कहा- लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
NMDC के निदेशक (कार्मिक) कृष्ण कुमार ठाकुर ने कहा कि कंपनी के परिचालन क्षेत्रों और आसपास के लोगों की सुरक्षा एवं कल्याण NMDC की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार से अनुरोध मिलते ही राहत कार्यों के लिए आवश्यक स्पीड बोट की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि NMDC बाढ़ की स्थिति से निपटने में जिला प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने और प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।



