
रायपुर। राजधानी रायपुर में नाबालिग बच्ची से जुड़े गंभीर अपराध के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी के खिलाफ अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी कर दी है। नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी के मकान और दुकान पर आज सुबह बुलडोजर चलाया गया। प्रशासन का यह कदम यह स्पष्ट संदेश देता है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों के प्रति किसी भी स्तर पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
महापौर स्वयं मौके पर पहुंचीं थी
मामला सामने आने के बाद रायपुर की महापौर मीनल चौबे स्वयं मौके पर पहुंचीं और आरोपी के मकान व दुकान की भौतिक जांच कराई। जांच में यह सामने आया कि आरोपी द्वारा नगर निगम के नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध निर्माण किया गया था।
जांच के उपरांत नगर निगम की ओर से नियमानुसार नोटिस जारी किया गया। नोटिस अवधि पूर्ण होने के बाद आज प्रशासन ने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई की।
जनप्रतिनिधियों की सख्त चेतावनी

क्षेत्रीय विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि:“नाबालिगों के खिलाफ अपराध समाज के लिए सबसे गंभीर अपराध हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन कानून के दायरे में रहकर कठोरतम कार्रवाई करेगा।”उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी दबाव या प्रतिशोध के तहत नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप की गई है।
पुलिस जांच भी तेज: यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच तेज कर दी है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पुलिस और अभियोजन पक्ष इस मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।
समझिए प्रशासनिक कार्रवाई का महत्व
अवैध निर्माण पर कार्रवाई क्यों की गई? – नगर निगम अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर निर्माण ध्वस्त किया जा सकता है।
क्या यह कानूनन सही है? – हां, नोटिस, जांच और निर्धारित प्रक्रिया के बाद की गई कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक है।• इसका क्या संदेश जाता है?यह संदेश कि अपराधियों को सामाजिक, प्रशासनिक और कानूनी हर स्तर पर जवाबदेह ठहराया जाएगा।
कानून से ऊपर कोई नहीं – प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि कानून के शासन को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है। मासूमों के खिलाफ अपराध करने वालों को यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।




