नक्सलमुक्त अबूझमाड़ की दिशा में बड़ा कदम: नारायणपुर पुलिस ने बोटेर में खोला नया सुरक्षा एवं जनसुविधा कैंप

नारायणपुर। नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में नारायणपुर पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। “शांतिपूर्ण एवं समृद्ध नारायणपुर” के लक्ष्य को साकार करने के तहत पुलिस ने वर्ष 2026 का छठवां सुरक्षा एवं जनसुविधा कैंप ग्राम बोटेर में स्थापित किया है। यह कैंप थाना ओरछा क्षेत्र के अंतर्गत स्थापित किया गया है।
नारायणपुर पुलिस द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नक्सल विरोधी “माड़ बचाओ अभियान” लगातार संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और विकास कार्यों को अंदरूनी गांवों तक पहुंचाना है। इसी अभियान के तहत पुलिस, डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और आईटीबीपी की विभिन्न वाहिनियों के संयुक्त प्रयास से यह नया कैंप स्थापित किया गया है।
जानकारी के अनुसार, 9 मार्च 2026 को घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र ग्राम बोटेर में यह नया कैंप स्थापित किया गया। यह क्षेत्र लंबे समय से माओवादियों के प्रभाव में रहा है और अब यहां सुरक्षा बलों की स्थायी उपस्थिति से ग्रामीणों में सुरक्षा का माहौल बना है। यह कैंप जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 90 किलोमीटर, थाना ओरछा से 30 किलोमीटर, आदेर से 15 किलोमीटर और कुडमेल कैंप से करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
नए कैंप की स्थापना से आसपास के वेरकोटी, नीचेवारा, कुरकसा, गुंडेकोट और बोटेर जैसे गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। सुरक्षा बलों की मौजूदगी में यहां सड़क, पुल-पुलिया निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा सकेगा।
इसके साथ ही कुमनार से सोनपुर मार्ग के माध्यम से भैरमगढ़ (जिला बीजापुर) तक सड़क संपर्क विकसित होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। दशकों से अलग-थलग पड़े अबूझमाड़ क्षेत्र को इससे मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में कुतुल, कोडलियार, बेड़माकोटी, पदमकोट, कंडुलपार, नेलांगुर, पांगूड़, रायनार, एडजुम, ईदवाया, आदेर, कुडमेल, कोंगे, सितरम, तोके, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा, लंका, परियादी, काकुर, बालेबेड़ा, कोडेनार, कोडनार, आदिनपार और मन्दोड़ा सहित कई स्थानों पर नए सुरक्षा एवं जनसुविधा कैंप स्थापित किए थे।
वहीं वर्ष 2026 में जटवर, वाड़ापेंदा, कुरसकोड़ो, हच्चेकोटी, आदनार और बोटेर में नए कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन कैंपों के माध्यम से नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ विकास कार्यों को भी गति मिल रही है।
इस अभियान को सफल बनाने में बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दराज, नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुरिया सहित आईटीबीपी की विभिन्न वाहिनियों, नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।




