“बस्तर दौड़ा बदलाव की ओर”: 9,235 धावकों, अंतरराष्ट्रीय एथलीटों और सरेंडर्ड कैडर की ऐतिहासिक भागीदारी के साथ बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 बना एकता, खेल और विकास का प्रतीक

जगदलपुर। बस्तर की धरती ने एक बार फिर इतिहास रचा, जब बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 में खेल, संस्कृति और सामाजिक बदलाव का अनूठा संगम देखने को मिला। इस भव्य आयोजन में 9,235 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर इसे अब तक के सबसे सफल आयोजनों में शामिल कर दिया। खास बात यह रही कि इस मैराथन में अंतरराष्ट्रीय एथलीटों के साथ-साथ 200 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने भी भाग लिया, जिसने समाज में सकारात्मक परिवर्तन और मुख्यधारा से जुड़ने का मजबूत संदेश दिया।

इस मैराथन में बस्तर संभाग के 8,127 धावकों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के बाहर से 202 और 120 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी शामिल हुए। इथोपिया और केन्या जैसे देशों के धावकों की मौजूदगी ने प्रतियोगिता के स्तर को अंतरराष्ट्रीय ऊंचाई प्रदान की। महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही, जहां 2,313 महिला एथलीटों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

मैराथन का मुख्य आकर्षण 42 किमी की फुल मैराथन रही, जो जगदलपुर के लालबाग मैदान से शुरू होकर विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात तक संपन्न हुई। इसके अलावा 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी की श्रेणियों में भी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें 5 किमी दौड़ में सबसे अधिक 3,452 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस आयोजन में कुल 25 लाख रुपए की प्राइज मनी रखी गई थी, वहीं “बस्तर कैटेगरी” जोड़कर स्थानीय प्रतिभागियों को विशेष अवसर प्रदान किया गया। बस्तर जिले के प्रतिभागियों के लिए पंजीकरण भी निशुल्क रखा गया, जिससे बड़ी संख्या में स्थानीय युवा जुड़े।
मैराथन से पहले आयोजित भव्य बाइक रैली और पूरे आयोजन के दौरान की गई सुदृढ़ सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था ने कार्यक्रम को व्यवस्थित और सफल बनाया। प्रशासन, पुलिस और आमजन के सहयोग से यह आयोजन न केवल खेल का उत्सव बना, बल्कि बस्तर की नई पहचान और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक भी साबित हुआ।
बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 के शुभारंभ अवसर पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह आयोजन बस्तर की नई पहचान बन रहा है। खेल के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का यह एक प्रभावी प्रयास है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब केवल अपनी संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि खेल गतिविधियों के लिए भी देश-विदेश में पहचान बना रहा है। उन्होंने विशेष रूप से सरेंडर्ड नक्सलियों की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह मुख्यधारा से जुड़ने और विकास की दिशा में आगे बढ़ने का मजबूत संकेत है। सरकार ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ाने और बस्तर को खेल हब के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है – केदार कश्यप,मंत्री छत्तीसगढ़,शासन



