खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास का ऐतिहासिक अध्याय – अरुण साव

कल शाम होगा भव्य शुभारंभ
रायपुर। छत्तीसगढ़ देश में पहली बार आयोजित हो रहे खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (KITG) की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने इसे राज्य के लिए “ऐतिहासिक और मील का पत्थर” करार देते हुए कहा कि यह आयोजन प्रदेश के खेल इकोसिस्टम को नई ऊर्जा देगा।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि छत्तीसगढ़ ने पहले सरगुजा ओलंपिक और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन किए हैं, लेकिन खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के जरिए अब राज्य राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता को साबित करेगा।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को निखारेगा बल्कि राज्य को बड़े खेल आयोजनों के प्रबंधन का व्यावहारिक अनुभव भी देगा।


3800 खिलाड़ी, 30 राज्य और 106 गोल्ड मेडल
| करीब 3800 खिलाड़ी इस महाकुंभ में हिस्सा लेंगे |
| 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश प्रतिनिधित्व करेंगे |
| 106 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे |
| पुरुष और महिला खिलाड़ियों की भागीदारी लगभग 50:50 अनुपात में रहेगी |
तीन शहरों में होगा आयोजन
| रायपुर – हॉकी और फुटबॉल |
| जगदलपुर – एथलेटिक्स |
| सरगुजा – कुश्ती |
पारंपरिक खेलों को भी मिलेगा सम्मान
| प्रतिस्पर्धात्मक खेल: तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती |
| प्रदर्शन खेल: मल्लखंब और कबड्डी |
ओलंपियन और खिलाड़ियों की नजर में गेम-चेंजर
भारतीय हॉकी के दिग्गज और हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने कहा कि यह आयोजन जनजातीय युवाओं के लिए बड़ा अवसर है, जहां वे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
राष्ट्रीय धावक अनिमेष कुजूर ने भी इसे “ऐसा मंच बताया जहां खेल अब दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचेगा” और युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
प्रधानमंत्री के विजन से जुड़ा आयोजन
इस आयोजन को देश को “स्पोर्टिंग नेशन” बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से जोड़ते हुए कहा गया कि हर युवा को खेल से जोड़ना और उसे करियर के रूप में अपनाने का अवसर देना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
ट्राइबल प्रतिभाओं को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का उद्देश्य देश के जनजातीय क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें प्रशिक्षित करना और राष्ट्रीय स्तर पर अवसर देना है।
सभी खिलाड़ी राष्ट्रीय खेल संघों द्वारा आयोजित ट्रायल्स के माध्यम से चुने गए हैं और उनकी प्रदर्शन की निगरानी भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के कोच करेंगे।
छत्तीसगढ़ के लिए क्यों है खास?
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, पहचान और भविष्य से जुड़ा एक बड़ा अवसर है। यह आयोजन कई स्तरों पर राज्य को मजबूती देने वाला साबित होगा। इस आयोजन के लिए रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में स्टेडियम, ट्रैक, प्रशिक्षण सुविधाओं और अन्य खेल अधोसंरचनाओं को अपग्रेड किया गया है।आधुनिक सुविधाओं का निर्माण और सुधार होगाभविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी आसान होगी। स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर ट्रेनिंग वातावरण मिलेगा। यानी यह सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए मजबूत खेल आधार तैयार करेगा





