बिहान की महिलाओं का हल्ला बोल: मानदेय बढ़ाने सहित मांगों को लेकर तूता में राज्यस्तरीय प्रदर्शन आज

रायपुर। एनआरएलएम बिहान योजना से जुड़ी सीआरपी/सक्रिय महिला संघ और कृषि सखी-पशु सखी महिलाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आज राजधानी में बड़ा प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। दोनों संगठनों द्वारा 23 मार्च को दोपहर 11 बजे से 4 बजे तक रायपुर के तूता धरना स्थल पर एक दिवसीय राज्यस्तरीय प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम रखा गया है।
महिलाओं का कहना है कि वे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत ग्रामीण स्तर पर शासन की कई योजनाओं को लागू करती हैं, साथ ही अन्य विभागों के कार्य भी करती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय मिल रहा है।
मानदेय बढ़ाने की प्रमुख मांग
संघ की प्रमुख मांग है कि वर्तमान में मिलने वाला 1910 रुपये मासिक मानदेय बेहद कम है, जिससे बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो पातीं। महिलाओं ने मांग की है कि उनका मानदेय छत्तीसगढ़ शासन के न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुरूप बढ़ाया जाए और सम्मानजनक जीवन यापन योग्य बनाया जाए।
उन्होंने यह भी बताया कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में सक्रिय महिलाओं को करीब 6000 रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ में स्थिति काफी कमजोर है।
पहले भी कर चुकी हैं प्रदर्शन
संघ के अनुसार, इससे पहले 5 जनवरी, 15 जनवरी और 19 फरवरी को भी रायपुर में प्रदर्शन कर शासन को ज्ञापन सौंपा गया था। पंचायत मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री से मुलाकात भी हुई, लेकिन अब तक कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। 7 मार्च को आयोजित “लखपति दीदी सम्मान समारोह” में भी उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं हुआ।
शासन पर उदासीनता का आरोप
महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उनकी मांगों को लेकर शासन का रवैया उदासीन रहा है, जिसके चलते उन्हें फिर से प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा है।संघ ने उम्मीद जताई है कि इस बार शासन उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेगा और जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

