छत्तीसगढ़राजनीति

जन्मदिन विशेष: किसान बेटे से उपमुख्यमंत्री तक, अरुण साव का प्रेरक सफर जिसने छत्तीसगढ़ की राजनीति को नई दिशा दी

रायपुर। साधारण किसान परिवार से निकलकर छत्तीसगढ़ की राजनीति के शीर्ष नेतृत्व तक पहुँचने वाले प्रदेश डिप्टी सीएम अरुण साव आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। उनकी यात्रा संघर्ष, सेवा-भाव और संगठनात्मक क्षमता का ऐसा मिश्रण है, जिसने उन्हें प्रदेश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल किया है।

जरहागाँव (रायपुर) में जन्मे अरुण साव के पिता अभयराम साव शिक्षक थे और माता प्रमिला साव गृहिणी। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े अरुण साव ने कठिनाइयों के बीच सादगी, संवेदनशीलता और परिश्रम का मूल्य सीखा। बी.कॉम, एलएलबी और कंप्यूटर अनुप्रयोग में पीजी डिप्लोमा ने उनके करियर को मजबूत दिशा दी।

कानूनी करियर की मजबूत नींव

पेशे से अधिवक्ता अरुण साव ने मुंगेली सिविल कोर्ट से वकालत की शुरुआत की और बाद में बिलासपुर हाईकोर्ट में अपनी अलग पहचान बनाई। उनका सार्वजनिक कानूनी सफर बेहद प्रभावशाली रहा।

मार्च 2005 से फरवरी 2006 तक उप शासकीय अधिवक्ता, मार्च 2006 से अगस्त 2013 तक शासकीय अधिवक्ता, और सितंबर 2013 से जनवरी 2018 तक उप महाधिवक्ता (Deputy Advocate General) के पद पर रहते हुए उन्होंने राज्य के कानूनी ढांचे को मजबूती प्रदान की। उनकी कानूनी दक्षता और तटस्थ कार्यशैली ने उन्हें प्रशासनिक नजरिए से भी एक विश्वसनीय चेहरा बनाया।

राजनीति में प्रवेश और नेतृत्व की पहचान

उनकी राजनीतिक यात्रा विद्यार्थी जीवन में ABVP से शुरू हुई। संगठन के प्रति समर्पण ने उन्हें लगातार आगे बढ़ाया और 2022 में उन्हें भाजपा छत्तीसगढ़ इकाई का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। विपक्ष में रहते हुए उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया और कांग्रेस सरकार के खिलाफ व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया। 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत में अरुण साव की रणनीति और नेतृत्व निर्णायक रहा।

सांसद, विधायक और अब उपमुख्यमंत्री

2019 में वे बिलासपुर लोकसभा सांसद चुने गए। कोयला एवं इस्पात से जुड़ी समितियों में उन्होंने प्रभावी भूमिका निभाई। 2023 में लोरमी से विधायक चुने जाने के बाद 13 दिसंबर 2023 को उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया। वर्तमान में वे शहरी प्रशासन, जल संसाधन और PWD जैसे महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व कर रहे हैं। “नगर सुराज संगम”, लोक-निरीक्षण अभियान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्तिकरण जैसे उनके हालिया कदम उन्हें एक सक्रिय विकासवादी नेता साबित करते हैं।

डिप्टी CM अरुण साव के पास खेल एवं युवा कल्याण जैसा महत्वपूर्ण विभाग है। खेलों के प्रति उनकी रुचि बचपन से रही है। वे विशेष रूप से कबड्डी, वॉलीबॉल, क्रिकेट और बैडमिंटन खेलना पसंद करते हैं। खेलों में उनकी सक्रिय दिलचस्पी ही उन्हें खेल विभाग को और अधिक सशक्त बनाने की प्रेरणा देती है।

अरुण साव का जीवन इस बात का उदाहरण है कि साधारण किसान-पारिवारिक पृष्ठभूमि से भी व्यक्ति मेहनत, शिक्षा और सेवा-भाव के दम पर प्रदेश नेतृत्व के शिखर तक पहुँच सकता है। उनके जन्मदिन पर राज्यभर से उन्हें शुभकामनाएँ मिल रही हैं, और जनता को उम्मीद है कि वे आने वाले वर्षों में भी छत्तीसगढ़ के विकास को नई दिशा देंगे।

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CG Bulletin Desk1

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