भाजपा बताये छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी कब लागू होगी – दीपक बैज

शराबबंदी पर भाजपा अपना स्टैंड स्पष्ट करे, सरकार शराब की काली कमाई में डूबी
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर शराबबंदी के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पांच वर्षों तक शराबबंदी को लेकर जनता के बीच वादे करने वाली भाजपा अब सत्ता में आने के बाद इस विषय पर चुप्पी साधे हुए है।
दीपक बैज ने सवाल उठाया कि भाजपा स्पष्ट करे कि प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी कब लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के छोटे-बड़े सभी नेताओं ने चुनाव के दौरान शराबबंदी का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद इस मुद्दे पर कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में शराब के नाम पर वसूली की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दुकानों में बिकने वाले ब्रांड और निर्माताओं के चयन के नाम पर बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी का खेल चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस सुनियोजित व्यवस्था में उच्च स्तर के लोग संलिप्त हैं और कोचियागिरी को संरक्षण मिल रहा है।
दीपक बैज ने कहा कि सरकार ने शराब खरीदी के नियमों में बार-बार बदलाव किया है। पहले 12 कंपनियों को एफएल-10 लाइसेंस देकर एक वर्ष का सप्लाई एग्रीमेंट किया गया, फिर 10 कंपनियों को एफएल-बी लाइसेंस जारी किया गया, लेकिन बाद में इन एग्रीमेंट को अचानक रद्द कर दिया गया। उन्होंने पूछा कि ऐसा क्यों किया गया और इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने 67 नई शराब दुकानें शुरू कर दी हैं, जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 100 से अधिक दुकानों को बंद किया था। उन्होंने दावा किया कि 2018 में कांग्रेस सरकार के पहले छत्तीसगढ़ प्रति व्यक्ति शराब खपत में देश में शीर्ष स्थानों पर था, जिसे कांग्रेस शासनकाल में घटाकर 18वें स्थान तक लाया गया।
कांग्रेस ने मांग की है कि भाजपा सरकार शराबबंदी के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करे और प्रदेश की जनता को बताए कि उसका वास्तविक स्टैंड क्या है।




