AI Impact Summit में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की फजीहत, छत्तीसगढ़ का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र

नई दिल्ली। भारत मंडपम में आयोजित AI Impact Summit के दौरान एक ओर जहां गलगोटिया यूनिवर्सिटी को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ का स्टॉल देश-विदेश से आए निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के पवेलियन में प्रदर्शित किए गए एक चीन निर्मित रोबो डॉग को “भारत में विकसित” बताने का मामला सामने आने के बाद आयोजकों ने कड़ा रुख अपनाते हुए विश्वविद्यालय को समिट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस घटना के बाद देश की सबसे महंगी निजी यूनिवर्सिटी मानी जाने वाली गलगोटिया की छवि को गहरा झटका लगा है और तकनीकी क्षेत्र में विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठे हैं।
इसके विपरीत, “छत्तीसगढ़ – Driven by Intelligence” थीम पर आधारित राज्य का स्टॉल समिट में सकारात्मक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहां छत्तीसगढ़ की उभरती कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) क्षमताओं, अत्याधुनिक डिजिटल अधोसंरचना और निवेश के अवसरों को डिजिटल प्रेजेंटेशन, सूचना पैनल और इंटरैक्टिव माध्यमों के जरिए प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जा रहा है।
स्टॉल में विशेष रूप से नवा रायपुर में प्रस्तावित देश के पहले AI डेटा सेंटर पार्क की जानकारी निवेशकों को आकर्षित कर रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में लगभग 1000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है, जिसमें एक लाख तक GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) स्थापित करने की क्षमता विकसित की जाएगी। यह परियोजना AI आधारित सेवाओं, हाई-परफॉर्मेंस डेटा प्रोसेसिंग और डिजिटल इनोवेशन को नई गति देगी।
इस अवसर पर विष्णु देव साय ने कहा कि AI Impact Summit में छत्तीसगढ़ का स्टॉल अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच आकर्षण का केंद्र बनना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में प्रस्तावित AI डेटा सेंटर पार्क के माध्यम से छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार, उच्च तकनीकी निवेश और भविष्य की अर्थव्यवस्था का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ा जा रहा है।



