छत्तीसगढ़

जग्गी हत्याकांड: सतीश जग्गी ने हाईकोर्ट में रखा पक्ष, 1 अप्रैल को होगी अंतिम सुनवाई

बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड मामले में आज महत्वपूर्ण न्यायिक घटनाक्रम सामने आया। मामले में सतीश जग्गी ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा, जबकि अब इस प्रकरण में 1 अप्रैल को अंतिम सुनवाई होगी।

अदालती प्रक्रिया के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि मामले में आगे की सुनवाई से पहले अमित जोगी को जमानत लेनी होगी। इसके बाद ही न्यायिक प्रक्रिया अगले चरण में आगे बढ़ सकेगी।

क्या है जग्गी हत्याकांड?

छत्तीसगढ़ में दिवंगत विद्या चरण शुक्ला के नेतृत्व वाली एनसीपी के कोषाध्यक्ष रामअवतार जग्गी की 4 जून 2003 को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वे कार चला रहे थे।

यह हत्याकांड उस दौर में हुआ था जब प्रदेश की राजनीति में भारी उथल-पुथल थी। एनसीपी रायपुर में एक विशाल रैली की तैयारी कर रही थी, जिसे उस समय मुख्यमंत्री अजीत जोगी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती माना जा रहा था।

2003 चुनाव से पहले मचा था बड़ा सियासी भूचाल

जग्गी की हत्या ने 2003 विधानसभा चुनाव से पहले पूरे प्रदेश की राजनीति को झकझोर दिया था। मामला शुरू से ही राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील रहा और इस पर लंबे समय तक कानूनी व राजनीतिक बहस जारी रही।

28 दोषियों की उम्रकैद बरकरार: इस चर्चित मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहले ही 28 आरोपियों की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रख चुका है। यह फैसला इस केस में बेहद अहम माना गया था।

सुप्रीम कोर्ट में भी हुई सुनवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए यह प्रकरण सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। जानकारी के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने 26 नवंबर को मामले में दोषियों की ओर से पेश दलीलों को सुना।

इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंहवी समेत कई वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें अदालत के सामने रखीं।1 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी निगाहेंअब इस बहुचर्चित केस में 1 अप्रैल को होने वाली अंतिम सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि यह तारीख मामले की दिशा और आगे की कानूनी रणनीति तय करने में अहम साबित हो सकती है। एमएम

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