छत्तीसगढ़

सुशासन की जीवंत तस्वीर, जनदर्शन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मौके पर सुलझाईं जनसमस्याएँ

रायपुर। लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी माना जाता है। इसी सोच को साकार कर रहे हैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, जो ‘जनदर्शन’ के माध्यम से प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की पीड़ा न केवल सुन रहे हैं, बल्कि मौके पर ही समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं।

लोगों की जरूरतों, मांगों और समस्याओं के प्रति मुख्यमंत्री का यह संवेदनशील, त्वरित और मानवीय दृष्टिकोण स्पष्ट करता है कि संवेदनशीलता ही सुशासन का मूल आधार है। जब जन-आकांक्षाओं को नेतृत्व की सहृदयता और निर्णयशीलता मिलती है, तब अंत्योदय की संकल्पना वास्तविक रूप लेती है।

1950 आवेदन, समाधान पर सीधा फोकस

राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री के शासकीय निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन आज सेवा, संवेदना और समाधान का सजीव उदाहरण बना। इस अवसर पर प्रदेश के दूर-दराज़ अंचलों से आए नागरिकों द्वारा कुल 1950 आवेदन प्रस्तुत किए गए।

मुख्यमंत्री साय ने प्रत्येक समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल निराकरण के स्पष्ट निर्देश दिए। कई जरूरतमंदों को मौके पर ही आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई, जिससे यह संदेश और मजबूत हुआ कि जन सरोकार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।

दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की राह: आज का जनदर्शन कई दिव्यांगजनों के लिए नई उम्मीद और नई शुरुआत लेकर आया। रायपुर के खमतराई निवासी जीवन दास मानिकपुरी और आरंग के भारत साहू को बैटरीचलित ट्राइसिकल प्रदान की गई। रायपुर के चंदू यादव और सुमन साहू को ट्राइसिकल व व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई। श्रवण बाधित सागर नायक और उमेश पटेल को तत्काल श्रवण यंत्र प्रदान किए गए।

इन सहायताओं से दिव्यांगजनों के जीवन में गतिशीलता और आत्मनिर्भरता लौटी, जो उनके चेहरों पर साफ झलक रही थी। लकवा पीड़ित बसंती को 5 लाख की आर्थिक सहायता, महासमुंद जिले के ग्राम बड़ेटेमरी निवासी बसंती साव, जो पैरों से लकवाग्रस्त हैं, ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री साय ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए की राशि तत्काल स्वीकृत कराई।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी बसंती को शासन से 75 हजार रुपए की सहायता मिल चुकी है। इस निर्णय से परिवार को बड़ी राहत मिली। जनदर्शन में रायपुर के तात्यापारा निवासी 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक हनुमंत राव की समस्या का भी त्वरित समाधान हुआ। माता-पिता के निधन के बाद राशन कार्ड नहीं बनने से वे शासकीय योजनाओं से वंचित थे। मुख्यमंत्री ने तत्काल राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए, जिससे अब वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।

तीन दिव्यांगों को तात्कालिक आर्थिक सहायता: मुख्यमंत्री साय ने—17 वर्षीय दिव्यांग राज शर्मा (सूरज नगर, लाभांडी) को 20 हजार रुपए,फूल गिरी गोस्वामी को पुत्री के विवाह हेतु 20 हजार रुपए,रायगढ़ निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग ओमप्रकाश निषाद को उच्च शिक्षा के लिए 20 हजार रुपएकी तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की।

जनदर्शन: सरकार की जवाबदेही का प्रतीक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट कहा कि जनदर्शन केवल आवेदन लेने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह आम जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही और संवेदनशीलता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन पर तत्परता, संवेदनशीलता और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद नागरिक को अनावश्यक भटकना न पड़े। जनदर्शन के माध्यम से यह साफ संदेश गया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन केवल नीति नहीं, बल्कि व्यवहार और संवेदना का नाम है।

cropped cg bulletin favicon
CG Bulletin Desk1

Show More

Related Articles

Back to top button