छत्तीसगढ़

नक्सलवाद खत्म, अब बस्तर के विकास पर सियासत तेज… सरकार बोली- ‘स्वर्णिम भविष्य’, कांग्रेस ने कहा- ‘नींव हमने रखी’

अमित शाह के नक्सलमुक्त भारत ऐलान के बाद छत्तीसगढ़ में बस्तर विकास पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने

रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश को नक्सलमुक्त घोषित किए जाने के बाद अब राज्य की राजनीति में बस्तर के विकास को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। एक ओर साय सरकार नक्सलवाद के अंत के बाद बस्तर के स्वर्णिम भविष्य की बात कर रही है, तो वहीं विपक्ष का दावा है कि बस्तर में विकास की बुनियाद कांग्रेस सरकार ने रखी थी।

सरकार का कहना है कि अब जब बस्तर नक्सल हिंसा की छाया से बाहर निकल चुका है, तब क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को नई गति दी जाएगी। वहीं कांग्रेस का कहना है कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान 600 गांवों को नक्सलमुक्त कर विकास योजनाओं से जोड़ा गया, जिसके परिणाम आज दिखाई दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास के सामने सबसे बड़ा रोड़ा था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और बस्तर तेजी से विकास करेगा। उन्होंने कहा कि दशकों से पिछड़ा माना जाने वाला बस्तर अब विकास की मुख्यधारा में मजबूती से आगे बढ़ेगा।

दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बस्तर में विकास के नए आयाम गढ़े गए, और 600 गांवों को नक्सल प्रभाव से मुक्त कर वहां योजनाएं पहुंचाई गईं, जिससे आज यह स्थिति बनी है।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह स्पष्ट है कि नक्सलवाद के बाद अब बस्तर का अगला बड़ा मुद्दा ‘विकास मॉडल’ बनने जा रहा है। सरकार बस्तर को निवेश, पर्यटन, आधारभूत ढांचे और जनकल्याण योजनाओं के जरिए नई पहचान देने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को सामने रखकर राजनीतिक बढ़त लेने की कोशिश में है।

cropped cg bulletin favicon
CG Bulletin Desk1

Show More

Related Articles

Back to top button