
रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय के भंडार कक्ष में लगी भीषण आग अब सियासी विवाद का बड़ा मुद्दा बन गई है। इस आगजनी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर खाक हो गए, जिसके बाद कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं।
कांग्रेस का गंभीर आरोप
इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि डीईओ ऑफिस में आग लगी नहीं, बल्कि लगाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार को छुपाने के उद्देश्य से जानबूझकर आगजनी की गई, और सरकार केवल जांच कमेटी बनाकर खानापूर्ति कर रही है।
अजय चंद्राकर का शायराना पलटवार
आगजनी पर उठे आरोपों के बीच विधायक अजय चंद्राकर ने शायराना अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा “मोहब्बत और भ्रष्टाचार कभी खत्म नहीं होते,बस बाबू बदल जाते हैं।”उनके इस बयान के बाद सियासत और तेज हो गई है।
सरकार ने बनाई उच्च स्तरीय जांच समिति
डीईओ कार्यालय में आगजनी और दस्तावेजों के नुकसान को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। सरकार का कहना है कि जांच के बाद सच्चाई सामने लाई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, डीईओ कार्यालय की आगजनी पर राजनीति गरमाई हुई है, और जांच रिपोर्ट का सभी को इंतजार है, जो इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।




