
रायपुर। झीरम घाटी हत्याकांड को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी को पार्टी ने नोटिस जारी किया है। कांग्रेस संगठन ने तिवारी से तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
दरअसल, विकास तिवारी ने झीरम कांड को लेकर नार्को टेस्ट कराने की मांग करते हुए पत्र लिखा था। उन्होंने अपने पत्र में भाजपा नेताओं के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भी नार्को टेस्ट की बात कही थी। इस बयान को पार्टी लाइन से अलग और संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ माना गया है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए विकास तिवारी से यह स्पष्ट करने को कहा है कि उन्होंने यह पत्र किस हैसियत और किस आधार पर लिखा। पार्टी का मानना है कि इस तरह के बयान से राजनीतिक रूप से गलत संदेश जा सकता है और विपक्ष को अनावश्यक मुद्दा मिल सकता है।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि झीरम कांड जैसे संवेदनशील विषय पर पार्टी का आधिकारिक रुख स्पष्ट है और किसी भी नेता या प्रवक्ता को व्यक्तिगत स्तर पर बयानबाजी से बचना चाहिए। नोटिस के जरिए संगठन ने अनुशासन का संदेश देने की कोशिश की है। अब पार्टी की नजर विकास तिवारी के जवाब पर टिकी है। जवाब संतोषजनक नहीं होने की स्थिति में आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।





