
अहमदाबाद में हुई AGM में छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन की प्रभावी भागीदारी
अहमदाबाद। भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) की वार्षिक सभा की बैठक आज अहमदाबाद में आयोजित की गई, जिसमें ओलम्पिक खेलों और खिलाड़ियों के भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस अहम बैठक में छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव विक्रम सिंह सिसोदिया ने भाग लेकर राज्य का प्रतिनिधित्व किया।
बैठक के दौरान सिसोदिया ने भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ. पी. टी. उषा से मुलाकात की और छत्तीसगढ़ में खेल गतिविधियों, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और अधोसंरचना विकास से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

राज्यों को मिलेगी 10 लाख रुपये की वार्षिक सहायता राशि
छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव विक्रम सिसोदिया ने जानकारी दी कि बैठक में खेल और खिलाड़ियों के हित में कई अहम फैसले लिए गए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि देश के सभी राज्य ओलंपिक संघों को प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी, जिससे राज्यों में खेलों को बढ़ावा मिलेगा और उभरते खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
इसके साथ ही बैठक में विक्रम सिसोदिया ने सभी राज्य ओलंपिक संघों के मतदान अधिकार भारतीय ओलंपिक संघ में पुनः बहाल किए जाने को लेकर प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव पर उपस्थित सभी राज्य ओलंपिक संघों के प्रतिनिधियों ने सहमति जताते हुए अनुमोदन प्रदान किया। इस विषय पर आगे विस्तृत चर्चा कर अंतिम निर्णय शीघ्र लिए जाने की संभावना जताई गई है।
बैठक में लिए गए निर्णयों को भारतीय खेल प्रशासन को अधिक मजबूत, पारदर्शी और लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन ने इन फैसलों का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे राज्य सहित पूरे देश में खेलों के विकास को नई गति मिलेगी।
सिसोदिया ने स्टेट वोटिंग पॉवर बहाल करने का दिया अहम सुझाव
भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) की अहमदाबाद में आयोजित वार्षिक साधारण सभा की बैठक में छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव विक्रम सिंह सिसोदिया ने एक महत्वपूर्ण और दूरगामी सुझाव देते हुए राज्य ओलंपिक संघों की स्टेट वोटिंग पॉवर पुनः बहाल किए जाने का प्रस्ताव रखा। उनके इस सुझाव को बैठक में मौजूद अधिकांश राज्य ओलंपिक संघों के प्रतिनिधियों ने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया।बैठक के दौरान श्री सिसोदिया ने कहा कि राज्य ओलंपिक संघ ही जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों के विकास, प्रतियोगिताओं के आयोजन और प्रतिभाओं को आगे लाने का कार्य करते हैं, ऐसे में निर्णय प्रक्रिया में उनकी मतदान भागीदारी बेहद आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि वोटिंग अधिकार बहाल होने से भारतीय खेल प्रशासन अधिक लोकतांत्रिक, पारदर्शी और संतुलित बनेगा।
इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने सहमति जताते हुए इसे अनुमोदन प्रदान किया, जिस पर आगे विस्तृत विचार-विमर्श कर अंतिम निर्णय लिए जाने की बात कही गई।




