
रायपुर। भारतमाला परियोजना से जुड़े बहुचर्चित मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एसीबी-ईओडब्ल्यू ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी, तत्कालीन एसडीएम निर्भय कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को विशेष न्यायालय रायपुर में पेश किया गया, जहां से उसे 17 मार्च से 30 मार्च 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इस दौरान उससे घोटाले के विभिन्न पहलुओं पर गहन पूछताछ की जाएगी।

क्या है पूरा मामला ?
जांच में सामने आया है कि रायपुर-विशाखापट्नम और दुर्ग बायपास भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। आरोपी निर्भय कुमार साहू ने अनुविभागीय अधिकारी एवं सक्षम प्राधिकारी, भू-अर्जन अभनपुर (जिला रायपुर) के पद पर रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया।
आरोप है कि उन्होंने अधीनस्थ राजस्व अमले—पटवारी, राजस्व निरीक्षक—और जमीन कारोबारियों के साथ मिलकर एक सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र रचा। इस षड्यंत्र के तहत:- अभनपुर तहसील के नायकबांधा, उगेतरा, उरला, भेलवाडीह और टोकरो गांवों की जमीनों को बैक डेट में छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित किया गया
– इसके बाद इन जमीनों के लिए वास्तविक मुआवजे से कई गुना अधिक राशि का भुगतान कराया गया
– नायकबांधा जलाशय की पहले से अधिग्रहित भूमि को भी दोबारा भारतमाला परियोजना में दिखाकर मुआवजा जारी किया गयाइन गड़बड़ियों के चलते शासन को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति हुई है।
जमानत याचिका पहले ही हो चुकी थी खारिज
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी ने उच्चतम न्यायालय में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे पहले ही खारिज किया जा चुका है। निर्भय कुमार साहू लंबे समय से फरार चल रहा था और जांच एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी थीं। अंततः एसीबी-ईओडब्ल्यू ने उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
आगे क्या?: अब पुलिस रिमांड के दौरान:- पूरे घोटाले की फाइनेंशियल ट्रेल खंगाली जाएगी- अन्य शामिल अधिकारियों और बिचौलियों की भूमिका स्पष्ट की जाएगी- और संभावित नई गिरफ्तारियों की भी संभावना जताई जा रही है। यह मामला राज्य के बड़े भू-अर्जन घोटालों में से एक माना जा रहा है, जिसकी जांच आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।


