छत्तीसगढ़ में कर्मचारी चयन बोर्ड का गठन: भर्ती प्रक्रिया में आएगी तेजी, पारदर्शिता पर जोर – ओपी चौधरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने तृतीय और चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य में छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन बोर्ड के गठन का ऐलान किया गया है। इस संबंध में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने महत्वपूर्ण बयान दिया है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि अब तक इन वर्गों की भर्ती प्रक्रिया में देरी और असंगठित व्यवस्था की समस्या सामने आती रही है। नए बोर्ड के गठन से भर्ती प्रक्रिया को एक व्यवस्थित ढांचा मिलेगा, जिससे समयबद्ध तरीके से नियुक्तियां की जा सकेंगी।
भर्ती में पारदर्शिता और तेजी
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बोर्ड के जरिए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। चयन प्रक्रिया को डिजिटल और मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम हो।
युवाओं को मिलेगा सीधा लाभ: सरकार के इस फैसले से राज्य के युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से लंबित भर्तियों को गति मिलने के साथ ही नई रिक्तियों पर भी जल्द प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं में भरोसा भी मजबूत होगा।
संगठित होगी पूरी भर्ती व्यवस्था: नए कर्मचारी चयन बोर्ड के गठन से तृतीय और चतुर्थ वर्ग की भर्तियां एक ही प्लेटफॉर्म से संचालित होंगी। इससे विभागों में अलग-अलग प्रक्रियाओं के कारण होने वाली देरी खत्म होगी और पूरी प्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।
सरकार का मानना है कि यह कदम प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो आने वाले समय में रोजगार सृजन और सुशासन को मजबूती देगा।



