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छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश के पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का रंगारंग आगाज़, हर साल छत्तीसगढ़ में नेशनल ट्राइबल गेम्स कराने की बड़ी घोषणा

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया शुभारंभ

देशभर से 9 खेल विधाओं में 30 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लगभग 2500 खिलाड़ी ले रहे हिस्सा

रायपुर। देश के पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का रंगारंग शुभारंभ छत्तीसगढ़ की मेजबानी में हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। कार्यक्रम में खेल मंत्री अरुण साव, आदिवासी विकास मंत्री रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मशाल के साथ हुआ भव्य आगाज़

कार्यक्रम की शुरुआत बेहद उत्साहपूर्ण माहौल में हुई। ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की मशाल मंच तक लाई गई, जिसे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों किरण पिस्दा और सुशीला नेताम लेकर पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने मशाल का स्वागत किया।

मनसुख मांडविया की बड़ी घोषणा – “हर साल छत्तीसगढ़ में होंगे नेशनल ट्राइबल गेम्स”

अपने संबोधन में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब छत्तीसगढ़ में प्रतिवर्ष नेशनल ट्राइबल गेम्स का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि देशभर के आदिवासी खिलाड़ी छत्तीसगढ़ की धरती से अपने हुनर और प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ेंगे और भारत का नाम देश-दुनिया में रोशन करेंगे।मांडविया ने कहा कि प्रतिभा सिर्फ शहरों में नहीं, बल्कि गांवों और दूरस्थ इलाकों में भी मौजूद है। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘फिट इंडिया’ और ‘खेलो इंडिया’ जैसे अभियान शुरू किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इस आयोजन के जरिए टैलेंट सर्च किया जाएगा और आने वाले समय में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को खेलो इंडिया सेंटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में सरकारी खर्च पर बेहतरीन प्रशिक्षण दिया जाएगा।

“भाई-भतीजावाद अब इतिहास”स्पोर्ट्स गवर्नेंस में पारदर्शिता पर जोर

केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि भारत सरकार ने ‘खेलो भारत नीति’ के जरिए खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता और खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराई है।उन्होंने कहा कि अब स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल लाया गया है, जिससे खेलों में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित होगा।“अब खेलों में भाई-भतीजावाद इतिहास हो गया है। ओपन सेलेक्शन से खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर आगे आएंगे और देश के एथलीटों को न्याय मिलेगा।”

2030 कॉमनवेल्थ, 2036 ओलंपिक पर भारत की नजर ,2047 तक भारत को खेल महाशक्ति बनाना लक्ष्य

मनसुख मांडविया ने कहा कि केंद्र सरकार की यह पहल आने वाले वर्षों में भारत के खेल प्रदर्शन को नई ऊंचाई देगी। उन्होंने कहा कि

एशियन गेम्स में भारत का प्रदर्शन और बेहतर होगा
2030 में भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की दिशा में आगे बढ़ रहा है
2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी भारत प्रयासरत है

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2047 तक भारत को खेलों में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।“खेल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को कभी कम नहीं रहने देंगे। राज्य जो भी मांग करेगा, उसे पूरा किया जाएगा।

सीएम साय ने किया खिलाड़ियों का स्वागत, कहा – छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में देशभर से आए खिलाड़ियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार उन्हें आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।सीएम साय ने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ शुरू किया है, जिसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में ‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘सरगुजा ओलंपिक’ जैसे आयोजन शुरू किए गए हैं, ताकि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मंच मिल सके।“डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ को जो चाहा, उससे ज्यादा मिला है।”

रायपुर में खेल विश्वविद्यालय, बिलासपुर-अंबिकापुर में SAI सेंटर की मांग

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खेल मंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि खिलाड़ी मैदान में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देशभर के खिलाड़ियों के बीच छत्तीसगढ़ की सकारात्मक पहचान स्थापित करने का अवसर भी है।“हमने खिलाड़ियों के लिए अच्छी व्यवस्था की है। खिलाड़ी मैदान में अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाएंगे और यहां से अच्छा संदेश लेकर जाएंगे।”अपने संबोधन में अरुण साव ने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के सामने प्रदेश में खेल अधोसंरचना को और मजबूत करने के लिए कई अहम मांगें भी रखीं। अरुण साव की प्रमुख रायपुर में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना, बिलासपुर में SAI सेंटर की स्थापना, अंबिकापुर में SAI एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना,दुर्ग और अंबिकापुर में 8-लेन एथलेटिक्स ट्रैक की स्थापना किए जाने की मांग रखी।

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CG Bulletin Desk1

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