ऑपरेशन फाइनल स्ट्राइक में नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम

राजनांदगांव-सुकमा में हथियार फैक्ट्री और विस्फोटक डम्प बरामद, सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई
रायपुर/सुकमा। छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए राजनांदगांव और सुकमा जिले में नक्सलियों के हथियार निर्माण नेटवर्क और विस्फोटक डम्प को ध्वस्त किया है। “ऑपरेशन फाइनल स्ट्राइक” के तहत चलाए गए संयुक्त अभियान में हथियार बनाने की मशीनें, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, हथियार, वायरलेस सेट, लैपटॉप और अन्य नक्सली उपयोगी सामान बरामद किए गए हैं।
राजनांदगांव जिले से लगे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली सीमा क्षेत्र के जंगलों में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों की एक गुप्त हथियार फैक्ट्री का पता लगाया। यहां से हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, जनरेटर, पाइप, सोलर पैनल और अन्य तकनीकी सामग्री बरामद की गई। यह कार्रवाई सरेंडर कर चुके नक्सलियों से प्राप्त खुफिया सूचना के आधार पर की गई। अभियान में पुलिस, एसओटी और बीडीडीएस की संयुक्त टीम शामिल रही।
इधर सुकमा जिले में थाना कुकानार, चिंतलनार और चिंतागुफा क्षेत्र में अलग-अलग दिनों में चलाए गए सर्च ऑपरेशन में नक्सलियों द्वारा जंगल-पहाड़ियों में छिपाकर रखे गए हथियार और विस्फोटक डम्प बरामद किए गए।17 मई को थाना कुकानार क्षेत्र के ग्राम गादम के जंगलों में उप पुलिस अधीक्षक रविकांत सहारे के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, कंट्रीमेड हैंड ग्रेनेड, हैंड ग्रेनेड, जिलेटिन पाउडर और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।
21 मई को थाना चिंतलनार क्षेत्र के तुमालपारा जंगल में कोबरा और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने भरमार बंदूकें, बीजीएल सेल, वायरलेस सेट, विस्फोटक सामग्री और सोलर बैटरियां जब्त कीं।
23 मई को नागाराम क्षेत्र में चलाए गए अभियान में ए.के.-47 के 29 राउंड, डेटोनेटर और नक्सल गतिविधियों में प्रयुक्त दैनिक उपयोग का सामान बरामद किया गया।वहीं 24 मई को चिंतागुफा थाना क्षेत्र के ईरापल्ली जंगल में संयुक्त बलों ने लैपटॉप, वायरलेस रेडियो सेट, कॉपर वायर, सुतली बम, माइनिंग पाइप, लाल नक्सली झंडे और नक्सली साहित्य बरामद किया।
सुरक्षा बलों का कहना है कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने और नक्सली गतिविधियों को संचालित करने के लिए किया जाना था। लगातार चल रहे अभियानों और आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिल रही सूचनाओं के कारण नक्सली नेटवर्क कमजोर पड़ता जा रहा है। सभी अभियान सफलतापूर्वक पूरे हुए और सुरक्षा बल सुरक्षित लौट आए।




