
धमतरी। छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वे किसानों के खेतों में पानी छोड़ने में देरी को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारी से फोन पर बात करते हुए नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने अधिकारी को लेकर कहा, ‘शर्मा जी दिखता तो वहीं पर गाड़ देता। वो जानता नहीं, हू इज अजय चंद्राकर।’ वीडियो सामने आने के बाद प्रदेश में सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, मामला धमतरी जिले के मगरलोड क्षेत्र के ग्राम परेवाडीह का है, जहां किसान फसल के लिए पानी की समस्या से जूझ रहे थे। बताया जा रहा है कि बारिश के बाद खेतों में जमा पानी बह गया था। वहीं, नहर का एक हिस्सा टूटने और मरम्मत के दौरान पर्याप्त मिट्टी नहीं डाले जाने के कारण पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही थी।
किसानों की समस्या पर अधिकारी से की थी बात
29 सितंबर को विधायक अजय चंद्राकर ग्राम परेवाडीह पहुंचे थे। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें करीब 100 एकड़ फसल के लिए पानी की आवश्यकता और नहर से कम पानी मिलने की समस्या बताई। इसके बाद चंद्राकर ने सिंचाई विभाग के अधिकारी को फोन कर पानी छोड़ने के निर्देश देने की बात कही।
वायरल वीडियो में चंद्राकर अधिकारी के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं कि ऐसे लोगों को नहीं भेजना चाहिए, जो प्रशासन की छवि खराब करें। उन्होंने अधिकारी के जल्द सेवानिवृत्त होने का जिक्र करते हुए भी टिप्पणी की। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों और अधिकारी के बीच ‘नेतागिरी’ को लेकर भी विवाद हुआ था।
यह वीडियो 2 अक्टूबर को ‘ऑफिस ऑफ अजय’ नाम के इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट किया गया था, जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
कांग्रेस ने साधा निशाना
वीडियो को लेकर कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने अजय चंद्राकर पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल से बाहर रहने के बाद चंद्राकर फ्रस्ट्रेटेड हैं और उन्हें एम्स जाकर अपना चेकअप कराना चाहिए। शुक्ला ने भाजपा नेतृत्व से भी मामले का संज्ञान लेने की मांग की।
कांग्रेस नेता ने चंद्राकर की टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वरिष्ठ नेताओं के ऐसे बयानों का प्रदेश पर असर पड़ सकता है। वहीं, पूरा मामला किसानों की सिंचाई समस्या और अधिकारी के कथित व्यवहार से जुड़ा हुआ है।




