छत्तीसगढ़

इंदौर जैसी स्थिति बनने से पहले प्रशासन सतर्क: रायपुर के महर्षि वाल्मीकि वार्ड में नलों से गंदा पानी, महापौर मीनल चौबे ने संभाला मोर्चा

रायपर। मध्यप्रदेश के इंदौर में हाल ही में सामने आई पेयजल पाइपलाइन में सीवेज और गंदे पानी की मिलावट की गंभीर घटना ने पूरे क्षेत्र में जल आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंदौर की इस घटना से सबक लेते हुए रायपुर नगर निगम प्रशासन भी अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। इसी कड़ी में रायपुर नगर निगम क्षेत्र के महर्षि वाल्मीकि वार्ड अंतर्गत सेल्स टैक्स कॉलोनी में नलों से गंदा पानी मिलने की शिकायत मिलते ही महापौर मिनल चौबे ने त्वरित संज्ञान लेते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।

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स्थानीय लोगों के मुताबिक सेल्स टैक्स कॉलोनी में नलों से आ रहे गंदे पानी की मुख्य वजह पेयजल वितरण पाइपलाइन में लीकेज पाई गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जताई गई कि यदि समय रहते सुधार कार्य नहीं किया गया, तो स्थिति इंदौर जैसी स्वास्थ्य आपातकाल का रूप ले सकती थी, जहां दूषित पानी से 10 लोगों की मौत और सैकड़ों लोग बीमार हुए थे।

महापौर का सख्त रुख, 24 घंटे का अल्टीमेटम

निरीक्षण के दौरान महापौर मीनल चौबे ने नगर निगम के जल कार्य विभाग, जोन-3 और जोन-9 की संयुक्त टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अगले 24 घंटे के भीतर हर हाल में सेल्स टैक्स कॉलोनी के सभी घरों में नल से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं होगा और यह कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा किया जाए।

लीकेज बना संकट की वजह: नगर निगम अधिकारियों ने बताया किपेयजल वितरण लाइन में लीकेज के कारण गंदा पानी घरों तक पहुंचा, संबंधित सड़क कांक्रीट रोड होने के कारण लीकेज पॉइंट ट्रेस करने में अपेक्षाकृत अधिक समय लगा, विजय नगर चौक के समीप लीकेज पॉइंट चिन्हित कर तकनीकी सुधार कार्य अंतिम चरण में है

सूत्र बताते हैं कि लंबे समय तक लीकेज बने रहने पर सीवेज और बाहरी गंदगी के पानी में मिलने की आशंका बढ़ जाती है, जैसा कि इंदौर में देखने को मिला था।

राहत के तात्कालिक इंतजाम: जल संकट को देखते हुए नगर निगम द्वारा सेल्स टैक्स कॉलोनी में पेयजल टैंकरों के माध्यम से स्वच्छ पानी की आपूर्ति की जा रही है। पूर्व गायत्री नगर, पिंक सिटी सहित आसपास के इलाकों में समस्या का समाधान कर लिया गया है। कई घरों में बोर सुविधा उपलब्ध होने से वहां स्थिति सामान्य बनी हुई है।

अधिकारियों की मौजूदगी: निरीक्षण के दौरान जल कार्य विभाग अध्यक्ष संतोष सीमा साहू, पार्षद प्रतिनिधि मनोज प्रभा विश्वकर्मा, जोन-3 कार्यपालन अभियंता सुशील मोडेस्टस, सहायक अभियंता नरेश साहू, जोन-9 उप अभियंता आशुतोष पाण्डेय सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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