छत्तीसगढ़ में धान खरीदी पर बड़ा फैसला, ऑनलाइन टोकन प्रक्रिया बंद, किसानों को अब ऑफलाइन टोकन मिलेगा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर बड़ी और अहम खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन टोकन प्रक्रिया को बंद करने का निर्णय लिया है। अब किसानों को धान बेचने के लिए ऑफलाइन टोकन की व्यवस्था की गई है।
नई व्यवस्था के तहत किसान अब सहकारी समिति केंद्रों से सीधे ऑफलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें ऑनलाइन टोकन प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतों और लंबी प्रतीक्षा का सामना करना पड़ रहा था।
सरकार का मानना है कि ऑफलाइन टोकन व्यवस्था से धान खरीदी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और तेज होगी तथा ग्रामीण इलाकों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। यह फैसला छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर चल रही समस्याओं के समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
समिति जाकर कटवा सकेंगे ऑफलाइन टोकन
अब तक 144 लाख मीट्रिक टन धान का टोकन जारीजानकारी के मुताबिक अब तक 144 लाख मीट्रिक टन धान के लिए टोकन काटे जा चुके हैं। शेष बचे किसानों को भी टोकन मिलने का भरोसा दिलाया गया है।
नई व्यवस्था के तहत किसान सीधे अपनी सहकारी समिति केंद्र में जाकर ऑफलाइन टोकन कटवा सकते हैं। अधिकारियों का दावा है कि टोकन मिलने में कहीं कोई दिक्कत नहीं आएगी और प्रक्रिया पहले से ज्यादा सरल होगी।धान बचा है तो टोकन तयसरकार ने साफ किया है कि जिस किसान के पास धान शेष है, उसे टोकन जरूर मिलेगा। किसी भी पात्र किसान को धान बेचने से वंचित नहीं किया जाएगा।
इस बार रिकॉर्ड खरीदी का दावा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस बार पिछले साल की तुलना में ज्यादा धान की खरीदी होने की संभावना है। नई ऑफलाइन व्यवस्था से ग्रामीण इलाकों के किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।यह फैसला किसानों की जमीनी समस्याओं को देखते हुए लिया गया है, ताकि धान खरीदी प्रक्रिया सुगम, भरोसेमंद और किसान–हितैषी बन सके।



