छत्तीसगढ़

Breaking News: 170 दिन बाद चैतन्य बघेल जेल से रिहा, पिता भूपेश बघेल खुद लेने पहुंचे

रायपुर। शराब घोटाला मामले में छह महीने से केंद्रीय जेल में बंद कांग्रेस नेता चैतन्य बघेल आखिरकार जेल से रिहा हो गए हैं। बिलासपुर हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आज सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होते ही उनकी रिहाई हुई, जिसके साथ ही जेल परिसर और जेल रोड पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

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चैतन्य बघेल की रिहाई को लेकर केंद्रीय जेल के बाहर पहले से ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का भारी जमावड़ा मौजूद था। जेल रोड पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने “सत्यमेव जयते” के नारे के साथ चैतन्य बघेल के बड़े-बड़े पोस्टर लगाए थे, जिससे पूरा इलाका राजनीतिक रंग में रंगा नजर आया।

कोर्ट प्रक्रिया के कारण हुई कुछ देरी

जमानत मिलने के बावजूद चैतन्य बघेल की रिहाई में कुछ समय लगा। जानकारी के अनुसार, ईडी कोर्ट के जज के अवकाश पर होने के चलते प्रक्रिया में देरी हुई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामला डीजे कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जहां चैतन्य बघेल से एफिडेविट जमा कराने और पासपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए। सभी औपचारिकताएं पूरी होने में करीब 2 से 3 घंटे का समय लगा।

जेल से बंगले तक जश्न रैली

रिहाई के बाद भव्य जश्न रैली निकाली जा रही है। यह रैली केंद्रीय जेल से निकलकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बंगले तक जाएगी। रैली में पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हैं। जगह-जगह ढोल-नगाड़ों, नारों और फूल-मालाओं से स्वागत की तैयारी की गई है।

भूपेश बघेल का भावुक बयान

चैतन्य बघेल की रिहाई पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा—“मेरे बेटे की गिरफ्तारी उसके जन्मदिन पर हुई थी और आज मेरे पोते के जन्मदिन पर उसकी रिहाई हो रही है। यह संयोग नहीं, बल्कि सत्य की जीत है।”कांग्रेस ने चैतन्य बघेल की रिहाई को सत्य और न्याय की जीत बताते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करार दिया है। वहीं, रिहाई के साथ ही राजधानी रायपुर में सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है।

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CG Bulletin Desk1

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