छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र समाप्त: 15 बैठकें, कई अहम विधेयक पारित

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का 23 फरवरी से शुरू हुआ बजट सत्र आज 20 मार्च को संपन्न हो गया। लगभग एक महीने चले इस सत्र में कुल 15 बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें राज्य के बजट के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और पारित किया गया।
सत्र के दूसरे दिन यानी 24 फरवरी 2026 को राज्य सरकार ने 1.72 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया। इस दौरान विधानसभा में विभिन्न जनहित मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।
सत्र के दौरान पारित प्रमुख विधेयकों में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक सबसे चर्चित रहा, जिसे 19 मार्च को मंजूरी दी गई। इस कानून के तहत अवैध धर्मांतरण के मामलों में 7 से 10 वर्ष तक की सजा और कम से कम 5 लाख रुपये जुर्माना का प्रावधान किया गया है।
वहीं, सत्र के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल गठन से जुड़े विधेयक पर चर्चा हुई, जिसका उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। इसके अलावा सदन में पुरानी पेंशन योजना (OPS) और नई पेंशन योजना (NPS) को लेकर भी महत्वपूर्ण बहस हुई। सरकार ने बताया कि राज्य में लगभग 2 लाख कर्मचारियों ने OPS को अपनाया है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सत्र की शुरुआत की, लेकिन बजट पेश होने के अगले दिन स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर चले गए, जिसके बाद वरिष्ठ विधायकों ने सदन की कार्यवाही संचालित की।
अब विधानसभा का अगला सत्र यानी मानसून सत्र जुलाई के तीसरे सप्ताह में संभावित है। यह बजट सत्र राज्य के लिए कई नीतिगत फैसलों और महत्वपूर्ण सुधारों के लिए यादगार रहा।



