नक्सलवाद की बेड़ियों से मुक्त हो रहा छत्तीसगढ़: पीएम मोदी

नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ के रजत महोत्सव समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राज्य अब नक्सलवाद की अंधियारी से बाहर निकलकर विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों के संघर्ष, त्याग और परिश्रम ने वह दौर ला दिया है, जब बंदूक की गूंज की जगह अब विकास की गूंज सुनाई दे रही है।प्रधानमंत्री ने कहा 2014 में देश के सवा सौ जिले माओवादी आतंक की चपेट में थे। आज सिर्फ तीन जिले बचे हैं। वो दिन दूर नहीं जब हमारा पूरा हिंदुस्तान नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों को दशकों तक सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूल सुविधाओं से वंचित रखा गया। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। जहां पहले बम और बंदूक का डर था, वहां आज बिजली के खंभे खड़े हैं, बच्चों के हाथों में किताबें हैं, और गांव-गांव में तिरंगा लहरा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के महीनों में छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में सैकड़ों नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और संविधान की मुख्यधारा में लौट आए हैं। जो पहले लाल झंडा लहराते थे, आज वे तिरंगे के साथ खड़े हैं। यही नए छत्तीसगढ़ की पहचान है। उन्होंने बीजापुर, अबूझमाड़ और पूवर्ती गांवों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन इलाकों में पहली बार बिजली, स्कूल और विकास कार्य पहुंचे हैं। बस्तर अब डर नहीं, उत्सव की भूमि बन चुका है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन इस परिवर्तन का प्रतीक हैं।
मोदी ने कहा कि नक्सलवाद जैसी चुनौती के बीच भी छत्तीसगढ़ ने विकास की दिशा में जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वह असंभव को संभव करने का उदाहरण हैं। अब जब नक्सलवाद की जंजीरें टूट रही हैं, तो छत्तीसगढ़ की उड़ान और ऊंची होगी। यह मोदी की गारंटी है कि राज्य के हर संकल्प के साथ मैं खड़ा हूं। कार्यक्रम का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा 25 साल का सफर पूरा हो चुका है, अब नए सूरज का उदय हो रहा है। यह सूरज छत्तीसगढ़ के सपनों और विकास की रोशनी लेकर आया है।




