छत्तीसगढ़

अंबिकापुर में हिरणों की मौत: वन्यजीव प्रेमी सिंघवी ने उठाए गंभीर सवाल – प्रदेश में और कितने अवैध जू?”

रायपुर। अंबिकापुर स्थित संजय वाटिका में 15 हिरणों की दर्दनाक मौत के बाद मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। रायपुर निवासी और वन्यजीव प्रेमी नितिन सिंघवी ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए वन विभाग के उच्च अधिकारियों पर सवालों की बौछार कर दी है और पूरे प्रदेश में चल रहे कथित अवैध जू की जांच की मांग की है।

दो दिन पहले हुई इस घटना में कुत्तों के बाड़े में घुसने और हमला करने से 15 हिरणों की मौत हो गई थी। इनमें संरक्षित प्रजातियों के 2 चौसिंगा, 7 चीतल और 6 बार्किंग डियर शामिल थे। इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

“रेस्क्यू सेंटर के नाम पर गुमराह किया जा रहा”

सिंघवी का आरोप है कि संजय वाटिका को जू न बताकर “रेस्क्यू सेंटर” कहा जा रहा है, जबकि वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत रेस्क्यू सेंटर को भी सेंट्रल जू अथॉरिटी की मान्यता जरूरी होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जानवरों को इलाज के बाद जंगल में छोड़ दिया जाता था, तो उनकी संख्या 32 कैसे पहुंच गई? साथ ही वहां नीलगाय जैसे संरक्षित वन्यजीव क्यों रखे गए? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टिकट लेकर वन विभाग अवैध रूप से जू का संचालन कर रहा है और इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को भी है। ऐसे में केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी तय कर बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

अन्य स्थानों पर भी उठाए सवाल: सिंघवी ने सरगुजा के रमकोला स्थित एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर, बारनवापारा और उदंती-सीतानदी क्षेत्र के ब्रीडिंग सेंटर, राजनांदगांव और रायपुर के इको-टूरिज्म स्थलों का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या ये सभी सेंट्रल जू अथॉरिटी से मान्यता प्राप्त हैं?उन्होंने रायपुर के नंदनवन में तेंदुआ और लकड़बग्घा को वर्षों तक रखने पर भी सवाल उठाए और कहा कि यदि पहले निजी जू संचालकों पर कार्रवाई हो सकती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर क्यों नहीं?क्या है मांग? सिंघवी ने मांग की है कि:

सभी अवैध जू और रेस्क्यू सेंटर की जांच हो

बंधक वन्यजीवों को तत्काल अभ्यारणों में छोड़ा जाए

जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो

यह मामला अब सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरे प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल बनकर उभरा है।

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CG Bulletin Desk1

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