कांग्रेस सरकार में गौठान सिर्फ साइन बोर्ड तक सीमित रहे, किसानों को बारदाने के लिए तरसना पड़ा : CM साय

बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड अंतर्गत रहंगी में कृषक उन्नति योजना के तहत आयोजित वृहद किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में किसानों के नाम पर सिर्फ राजनीति हुई, जबकि ज़मीनी स्तर पर किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान किसानों को धान खरीदी के लिए आवश्यक बारदाना तक उपलब्ध नहीं हो पाता था। किसान बारदाने के लिए भटकते और रोते नजर आते थे। हमारी सरकार ने इस समस्या को प्राथमिकता से हल किया और जूट कमिश्नर के माध्यम से समय पर पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराया। आज किसानों को इस विषय में किसी तरह की दिक्कत नहीं है।
धान खरीदी और भुगतान में ऐतिहासिक सुधारश्री साय ने बताया कि कांग्रेस शासन में अंतर की राशि चार-चार किस्तों में दी जाती थी और कई बार राशि को गोल कर दिया जाता था। जबकि वर्तमान सरकार में धान खरीदी समाप्त होते ही 7–10 दिनों के भीतर एकमुश्त अंतर राशि का भुगतान किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एमएसपी के तहत 33,431 करोड़ रुपये का भुगतान 48 घंटे के भीतर सीधे किसानों के खातों में किया गया है, जो अपने आप में रिकॉर्ड है।
किसान हितैषी नीतियों की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में लंबे समय तक कांग्रेस की सरकार रही, लेकिन किसानों के हित में ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसके विपरीत, भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा किसानों को केंद्र में रखा। उन्होंने स्मरण कराया कि केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की गई, जिससे किसानों को खेती के लिए पूंजी की सुविधा मिली।
छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद सहकारी बैंकों के 16–18 प्रतिशत ब्याज दर को तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में घटाकर पहले 7 प्रतिशत और फिर 3 प्रतिशत किया गया। आज प्रदेश के किसानों को ब्याज मुक्त कृषि ऋण मिल रहा है।
सिंचाई और समर्थन मूल्य में बड़ा निवेश: मुख्यमंत्री ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने पांच वर्षों में सिंचाई के लिए केवल 5,700 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, जबकि हमारी सरकार ने सिर्फ दो वर्षों में 10,700 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इससे साफ है कि सरकार किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए गंभीर है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है, जो देश में सर्वश्रेष्ठ व्यवस्थाओं में शामिल है। अधिया, रेगहा, पब्लिक ट्रस्ट और वनभूमि पट्टाधारकों से भी धान खरीदा जा रहा है। साथ ही 5.62 हजार से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
गौठान घोटाले पर सीधा आरोप
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस सरकार का गौठान घोटाला प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है। कई स्थानों पर गौठानों के नाम पर केवल साइन बोर्ड लगे थे—न गाय थी, न वर्मी कम्पोस्ट और न ही खाद। यह किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ सीधा धोखा था।



