किसानों का ₹3.75 करोड़ बकाया,भुगतान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

20 फरवरी को महासमुंद से रायपुर तक ट्रैक्टर रैली, कंपनी प्लांट घेराव का ऐलान
महासमुंद / रायपुर। किसानों और कृषि मजदूरों का करीब पौने चार करोड़ रुपये का बकाया भुगतान लंबे समय से लंबित रहने पर अब आंदोलन की चेतावनी दी गई है। इस संबंध में किसानों ने कलेक्टर महासमुंद से मुलाकात कर प्रशासन को स्थिति से अवगत कराया और शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की।
132 किसानों-मजदूरों के साथ अन्याय का आरोप
किसानों ने बताया कि रबी सीजन 2024–25 में कावेरी बीज कंपनी (सिकंदराबाद, तेलंगाना) द्वारा किसानों की भूमि लीज (रेंग) पर लेकर बीज उत्पादन कराया गया। इस दौरान किसानों और मजदूरों से कड़ी मेहनत कराई गई, मशीनरी का व्यापक उपयोग हुआ, लेकिन आज तक न तो मेहनताना मिला और न ही लीज राशि का भुगतान किया गया।

इस मुद्दे पर पन्नालाल टावर, महासमुंद में किसानों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला पंचायत सदस्य जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही सहित प्रभावित किसान कृष्ण कुमार चंद्राकर, रोशन चंद्राकर, महेन्द्र बंजारे, प्रवीण चंद्राकर, भीखम चंद्राकर, पंकज चंद्राकर, केशवराम पाल सहित अन्य उपस्थित रहे।किसानों ने एक स्वर में कहा कि यह सिर्फ आर्थिक मामला नहीं, बल्कि किसानों-मजदूरों की मेहनत, सम्मान और जीवन से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। भुगतान न मिलने से कई परिवार कर्ज में डूब चुके हैं, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और आजीविका संकट गहराता जा रहा है। बार-बार शासन-प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
20 फरवरी को ट्रैक्टर रैली और प्लांट घेराव
किसानों ने ऐलान किया है कि यदि तत्काल भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया तो 20 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को महासमुंद से सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ रायपुर धनेली स्थित कंपनी के प्रसंस्करण प्लांट का शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ घेराव किया जाएगा।
रेल रोको तक जाएगा आंदोलन: किसानों ने चेतावनी दी है कि भुगतान में और देरी होने पर आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से उग्र किया जाएगा, जिसमें रेल रोको आंदोलन भी शामिल होगा। इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होगी।



