
नई दिल्ली। आज इंडिया गेट पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब प्रदूषण के खिलाफ चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच कुछ प्रदर्शनकारी अचानक कुख्यात माओवादी नेता मादवी हिड़मा के समर्थन में पोस्टर लहराने लगे। प्रदर्शकारियों ने ‘माड़वी हिड़मा अमर रहे’ जैसे नारे भी लगाए, जिसने मौके पर मौजूद पुलिस को सतर्क कर दिया।
स्थिति तब बिगड़ी जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने पुलिसवालों की आंखों में मिर्च स्प्रे झोंक दिया। सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने तुरंत कड़ा एक्शन लेते हुए 15 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया। घटना के संबंध में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है।
बताया जा रहा है कि जिस हिड़मा के समर्थन में यह नारे लगे, वह आंध्र प्रदेश में हाल ही में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। हिड़मा न सिर्फ देश के सबसे कुख्यात नक्सलियों में से एक था, बल्कि झीरम कांड जैसी कई बड़ी नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड भी था। उसकी मौत के बाद से नक्सल विचारधारा से जुड़े कई लोग सोशल मीडिया पर उसे ‘अमर’ बताते हुए सक्रिय हो गए हैं।
इंडिया गेट की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं राजनीतिक स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क और उनके उद्देश्यों की भी जांच कर रही है।
टुकड़े-टुकड़े गैंग की मानसिकता देश जानता है -अरुण साव,डिप्टी सीएम
इंडिया गेट पर पोस्टर लहराने की घटना के बाद छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने कड़े शब्दों में कहा कि यह वही “टुकड़े-टुकड़े गैंग” है, जिसकी मानसिकता देश पहले भी देख चुका है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि देश के खिलाफ आवाज उठाने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।




