छत्तीसगढ़

कलेक्टर कॉन्फ्रेंस 2025 LIVE: धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की समीक्षा, CM साय के निर्देश – 17 विभाग मिलकर करेंगे जनजातीय गांवों का समग्र विकास

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में कलेक्टर कॉन्फ्रेंस जारी है। इस अहम समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव, सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और सभी जिलों के कलेक्टर मौजूद हैं।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि अभियान के तहत सभी 17 विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करें। उन्होंने कहा कि जनजातीय गांवों के विकास के लिए सिर्फ एक विभाग नहीं, बल्कि बहु-विभागीय समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। इस अभियान का उद्देश्य जनजातीय अंचलों में जीवन स्तर सुधारना, बुनियादी सुविधाएं बढ़ाना और आजीविका के अवसर सशक्त करना है।सीएम ने सभी विभागों को कहा कि वे मैदानी स्तर पर समन्वित अभियान चलाएं ताकि धरती आबा योजना का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षा विभाग की समीक्षा की। सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्कूलों में ड्रॉप आउट रेट घटाकर Gross Enrolment Ratio (GER) को 100 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए।सीएम ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग मिलकर बालवाड़ियों को सक्रिय करें, ताकि प्रारंभिक शिक्षा मजबूत हो सके। बच्चों को दी गई शिक्षण सामग्री अलमारियों में बंद न रहे, उसका सक्रिय उपयोग शिक्षण में किया जाए।

बीजापुर मॉडल की तारीफ

बैठक में मुख्यमंत्री ने बीजापुर जिले की पहल की खास तारीफ की। जिले में स्थानीय युवाओं की सेवाएं लेकर गोंडी बोली में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाई कराई जा रही है। इससे बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और ड्रॉप आउट दर में कमी आई है।

👉 मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 दिसंबर तक सभी विद्यार्थियों के Apar ID बनाए जाएं, ताकि डाटा और ट्रैकिंग सिस्टम मजबूत हो।

👉 मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान की घोषणासीएम ने राज्य में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान चलाने की घोषणा की। इसके तहत 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए जिला स्तर पर विशेष रणनीति तैयार की जाएगी।

👉 रायगढ़ जिले में कमजोर विद्यार्थियों के लिए मंथली टेस्ट और एक्स्ट्रा क्लासेस की पहल की सराहना हुई।

👉 गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में भी हॉस्टल्स में एक्स्ट्रा क्लास और टेस्ट लिए जाने को मॉडल के रूप में देखा गया।सीएम ने शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शाला विकास समितियों और पालकों को सक्रिय करने के निर्देश दिए।

इसके पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ छत्तीसगढ़ से सशक्त और समृद्ध छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा।”सीएम ने सभी कलेक्टरों को स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की नियमित समीक्षा और प्रगति की निगरानी करने को कहा। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और मलेरिया नियंत्रण पर विशेष फोकस की बात कही।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में दिए प्रमुख निर्देश:

✅ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी के लिए हर अस्पताल में प्रसव सुनिश्चित किया जाए।

✅ टीकाकरण सत्र निर्धारित तिथि पर अनिवार्य रूप से आयोजित हों और फील्ड वेरिफिकेशन से निगरानी हो।

✅ मैटरनल डेथ ऑडिट हर प्रकरण में हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

✅ एनआरसी सेंटरों का संचालन प्रभावी और सतत रूप से किया जाए, पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

✅ वेलनेस सेंटरों के माध्यम से गैर संचारी रोगों (NCDs) के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए।

✅ बस्तर संभाग में मलेरिया हॉटस्पॉट की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाए।

✅ प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के अंतर्गत सभी पात्र वृद्धजनों का पंजीयन और कार्ड निर्माण प्राथमिकता से पूरा किया जाए।

इसके पहले कलेक्टर कॉन्फ्रेंस 2025 में सीएम साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को लेकर सभी कलेक्टर से दो टूक कहा है कि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिले, यह सुनिश्चित करें कलेक्टर।ग्रामीण इलाकों में हितग्राहियों को आसानी से मिले बैंक फाइनेंस की सुविधा मिले।

सीएम साय ने इसके पहले किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सीएम ने सभी कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि “योजना में कोई भी पात्र किसान वंचित न रहे।” उन्होंने तय समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही कमिश्नरों को योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करने को कहा गया।

👉 बस्तर और सरगुजा संभाग के लिए विशेष फोकस की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

👉 पंजीयन और भुगतान प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में चल रही कलेक्टर कॉन्फ्रेंस 2025 में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की जा रही है। सबसे पहले बैठक की शुरुआत खाद्य विभाग की समीक्षा से हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगामी धान खरीदी सीजन को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए।

सीएम ने सभी कलेक्टरों को धान खरीदी की समुचित तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा — “धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कलेक्टर ही जिम्मेदार होंगे।”

👉 प्रभारी सचिवों को जिलों में धान खरीदी व्यवस्था की पैनी निगरानी करने को कहा गया है।

👉 संवेदनशील केंद्रों की विशेष निगरानी की जाएगी।

👉 इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से धान खरीदी व्यवस्था पर चौकसी बढ़ाई जाएगी।

👉 अंतरराज्यीय सीमावर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं।सीएम ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम होनी चाहिए ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।

उन्होंने कहा — “किसानों का एक-एक दाना धान खरीदेगी सरकार। किसी भी किसान को परेशानी नहीं होनी चाहिए।”सीएम ने किसान पंजीयन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिन जिलों में पंजीयन की प्रगति धीमी है, वहां की आगे की कार्ययोजना की जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि दूरस्थ अंचलों में नेटवर्क समस्या को देखते हुए विशेष शिविर लगाकर पंजीयन कार्य समय पर पूरा किया जाए।

बैठक में प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य समेत 18 एजेंडो पर चर्चा होगी। साथ ही जनहित योजनाओं, सुशासन और पारदर्शिता को लेकर गहन मंथन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुंचे। इस बैठक को प्रदेश में आगामी प्रशासनिक फेरबदल से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक कामकाज के मूल्यांकन के बाद कुछ जिलों में अधिकारियों के तबादले संभव हैं।

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CG Bulletin Desk1

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