
भूपेश बघेल ने किन-किन को बचाने का किया प्रयास : भाजपा प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने झीरम घाटी नक्सली हमले को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस नेता विकास तिवारी के पार्टी से निष्कासन को “सच बोलने की सज़ा” करार देते हुए कहा कि झीरम हमले के बाद कांग्रेस में अपने ही नेताओं को लेकर संदेह की स्थिति बन गई है, और तिवारी का निष्कासन उसी संदेह की पुष्टि करता है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस दूसरों पर आरोप-प्रत्यारोप और कीचड़ उछालने की राजनीति तो खूब करती है, लेकिन जब पार्टी के भीतर कोई कार्यकर्ता या नेता सवाल उठाता है, तो उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। इससे स्पष्ट है कि लोकतंत्र की दुहाई देने वाली कांग्रेस पार्टी के भीतर ही आंतरिक लोकतंत्र का अभाव है।उज्ज्वल दीपक ने सवाल उठाया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के नार्को टेस्ट की मांग करने वाले कांग्रेस नेताओं को अपना नार्को टेस्ट कराने में इतनी घबराहट क्यों हो रही है? उन्होंने कहा कि झीरम घाटी में शहीद हुए कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की शहादत पर वर्षों तक राजनीति करने वाली कांग्रेस अब सच सामने आने से क्यों डर रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि झीरम हमले के बाद कांग्रेस के कई नेता आपसी संदेह में उलझे हुए हैं। यही वजह है कि पार्टी के भीतर उठने वाली हर आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व को डर है कि कहीं सच्चाई सामने न आ जाए।उज्ज्वल दीपक ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर सीधा सवाल दागते हुए कहा कि जब वे स्वयं यह दावा करते रहे हैं कि उनके पास झीरम कांड से जुड़े सबूत हैं, तो फिर झीरम कांड पर गठित न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर क्यों नहीं रखा गया? आखिर बघेल ने किन-किन लोगों को बचाने का प्रयास किया?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस यदि वास्तव में शहीद नेताओं के परिजनों को न्याय दिलाना चाहती है, तो झीरम कांड की पूरी सच्चाई सामने लाने से क्यों हिचकिचा रही है। भाजपा प्रवक्ता ने यह भी सवाल उठाया कि क्या नक्सलियों के साथ कांग्रेस का कथित दोस्ताना रवैया, झीरम हमले में शहीद हुए कांग्रेस नेताओं की शहादत पर भारी पड़ रहा है?



