Jaggi Hatyakand: चर्चित जग्गी हत्याकांड मामले में अमित जोगी को आजीवन कारावास, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में एक बार फिर बड़ा मोड़ सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अपलोड किए गए कोर्ट ऑर्डर में आजीवन कारावास की सजा का जिक्र किया गया है। इस मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से चर्चा रही है और अब ताज़ा न्यायिक घटनाक्रम ने इसे फिर सुर्खियों में ला दिया है।
21 साल पुराना है मामला
यह मामला करीब 21 वर्ष पुराना है।4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड में कुल 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था।मामले की सुनवाई के दौरान बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे।
इस केस में पहले कई आरोपियों को सजा हुई थी, जबकि अमित जोगी को लेकर न्यायिक प्रक्रिया अलग मोड़ लेती रही और वे पहले बरी भी हो चुके थे। अब अपलोडेड ऑर्डर में सामने आए उल्लेख ने पूरे मामले को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
कौन थे रामावतार जग्गी
रामावतार जग्गी एक कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखते थे और वे देश के वरिष्ठ नेताओं में शुमार रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी माने जाते थे।जब विद्याचरण शुक्ल ने कांग्रेस छोड़कर एनसीपी का दामन थामा, तब रामावतार जग्गी भी उनके साथ पार्टी में शामिल हो गए थे। इसके बाद विद्याचरण शुक्ल ने उन्हें छत्तीसगढ़ में एनसीपी का कोषाध्यक्ष बनाया था। राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर जग्गी की मजबूत पकड़ मानी जाती थी।
राजनीतिक और कानूनी हलकों में फिर चर्चा: इस हत्याकांड का संबंध शुरू से ही राजनीतिक और आपराधिक दोनों पहलुओं से जुड़ा रहा है। ऐसे में ताज़ा आदेश की जानकारी सामने आने के बाद कानूनी और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि कोर्ट के विस्तृत आदेश, कानूनी पक्ष और आधिकारिक पुष्टि में आगे क्या सामने आता है।



