
नई दिल्ली / रायपुर। भारत सरकार द्वारा अक्टूबर 2025 के बाद जारी ताज़ा सूची में देशभर में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। नई रिपोर्ट के अनुसार अब पूरे देश में सिर्फ 6 जिले ही नक्सल प्रभावित रह गए हैं, जिनमें से 4 जिले अकेले छत्तीसगढ़ के हैं।
छत्तीसगढ़ के ये 4 जिले अभी भी सूची में
बीजापुर,सुकमा, नारायणपुर, गरियाबंद (रायपुर संभाग)
इसके अलावा अन्य दो जिले अन्य राज्यों से हैं, जिन पर भी केंद्र सरकार की विशेष निगरानी बनी हुई है।
एक साल में बड़ी कमी: 11 से घटकर 6 जिले
दिसंबर 2025 की रिपोर्ट में देश में 11 जिले वामपंथी उग्रवाद (LWE) से प्रभावित बताए गए थे। उस समय ये जिले 5 राज्यों में फैले थे।छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा, कांकेर, बस्तर और चौकी–मोहला–मानपुर जैसे जिले अब इस सूची से बाहर हो चुके हैं, जो सुरक्षा बलों की निरंतर कार्रवाई और विकास कार्यों का बड़ा संकेत माना जा रहा है। हालांकि नई सूची में गरियाबंद को शामिल किया गया है।
31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश को पूरी तरह नक्सलमुक्त करने का स्पष्ट लक्ष्य तय किया है। इसी दिशा में अब बचे हुए सभी 6 नक्सल प्रभावित जिलों में “बड़ा और अंतिम निर्णायक ऑपरेशन” चलाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने अपने छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान रायपुर में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर इस अंतिम चरण का रोडमैप तैयार किया।उन्होंने बस्तर पंडुम के समापन समारोह में मंच से बचे हुए नक्सलियों से आत्मसमर्पण (सरेंडर) की अपील करते हुए साफ संदेश दिया कि“जो हथियार छोड़ेंगे, उनका पुनर्वास होगा; जो नहीं छोड़ेंगे, उन्हें अंजाम भुगतना पड़ेगा।”



