बस्तर में बस कनेक्टिविटी मजबूत करने सरकार का जोर: परिवहन मंत्री ने की व्यापक समीक्षा

बस्तर के मिनपा और एलारमडगू में आज से दौड़ेगी बसें
रायपुर। परिवहन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण बस योजना, ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक), वाहन सुरक्षा और फिटनेस जांच से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर व्यापक चर्चा की गई। सचिव परिवहन एस. प्रकाश सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में बताया गया कि राज्य के सभी परिवहन कार्यालयों में सेंसर आधारित ऑटोमेटेड कंप्यूटरीकृत ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) विकसित किए जा रहे हैं। इस प्रणाली से ड्राइविंग टेस्ट पूरी तरह मशीनों द्वारा आकलित होगा, जिससे केवल कुशल चालक ही लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे। इससे सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। ई-ट्रैक निर्माण की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को सौंपी गई है।मंत्री कश्यप ने यह भी निर्देश दिए कि केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप सभी स्वीकृत आरडीटीसी और डीटीसी भवनों का निर्माण निर्धारित समय में पूरा किया जाए। उन्होंने कार्यों में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया। योजना के तहत आज से नक्सल मुक्त क्षेत्र बस्तर के मिनपा और एलारमडगू में आज से बसें दौड़ेगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 की प्रगति की भी समीक्षा की गई। यह योजना ग्रामीण किसानों, मजदूरों, छात्रों और आम लोगों को जनपद, तहसील और जिला मुख्यालय तक सस्ती, नियमित और सुरक्षित बस सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इससे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए राज्य में सार्वजनिक वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और पैनिक बटन लगाने का काम भी तेजी से चल रहा है। अब तक 1,900 यात्री वाहनों और 5,800 स्कूल बसों में डिवाइस स्थापित किए जा चुके हैं।राज्य में वर्तमान में 8 ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर संचालित हैं। मशीन आधारित जांच प्रणाली के आधार पर गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर है, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है।




