
रजत जयंती पर राजधानी बनेगी मोटर स्पोर्ट्स का हॉटस्पॉट, देशभर के शीर्ष राइडर्स दिखाएंगे दम
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर राजधानी रायपुर का बूढ़ापारा आउटडोर स्टेडियम 8 और 9 नवम्बर को रफ्तार, रोमांच और युवाओं के जोश से गूंज उठेगा। इस दौरान आयोजित होने जा रहा एमआरएफ नेशनल सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैम्पियनशिप 2025 न केवल देश के शीर्ष राइडर्स को एक मंच पर लाएगा, बल्कि यह आयोजन युवा ऊर्जा, नवाचार और अनुशासन का प्रतीक बनेगा।
मोटर स्पोर्ट्स को नई उड़ान देगा छत्तीसगढ़
इस भव्य आयोजन का संचालन छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा किया जा रहा है, जिसमें देशभर से चुनिंदा सुपरक्रॉस राइडर्स अपनी कला और कौशल का प्रदर्शन करेंगे।यह प्रतियोगिता एमआरएफ के सहयोग से आयोजित की जा रही है, जो छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय मोटर स्पोर्ट्स मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगी।
आयोजन की विशेषता यह है कि रेसिंग सड़क पर नहीं, बल्कि एक विशेष रूप से निर्मित सुरक्षित ट्रैक पर होगी, जहाँ सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया है।ट्रैक को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है ताकि राइडर्स को अधिकतम प्रदर्शन का अवसर मिले और दर्शकों को रोमांचक अनुभव।
“रफ्तार बने जुनून, जोखिम नहीं” आयोजन की थीम
छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष उज्जवल दीपक ने कहा हम चाहते हैं कि रफ्तार जुनून बने, जोखिम नहीं। यही इस चैम्पियनशिप की असली सोच है। यह आयोजन युवाओं को यह संदेश देगा कि रोमांच और सुरक्षा साथ-साथ चल सकते हैं।”उन्होंने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से राज्य में सुरक्षित ड्राइविंग संस्कृति को प्रोत्साहन देने और मोटर स्पोर्ट्स को प्रोफेशनल दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।
CM साय ने दी शुभकामनाएँ — ‘जीवन अनमोल है, रेसिंग सड़क पर नहीं’

कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं बाइक चलाकर युवाओं को “सेफ ड्राइविंग” का संदेश दिया।उन्होंने चैम्पियनशिप के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा “युवाओं में अपार ऊर्जा है, और उस ऊर्जा को सही दिशा देना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की जीवन अनमोल है, इसलिए दुपहिया चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। सड़क पर रेसिंग बिल्कुल न करें। उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का उत्सव है, साथ ही नई पीढ़ी में अनुशासन, जिम्मेदारी और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का अवसर भी। मुख्यमंत्री ने कहा हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ का युवा केवल गति से नहीं, बल्कि संयम और संकल्प से पहचाना जाए।

