छत्तीसगढ़

रायपुर में जल्द शुरू होगा खारून रिवर फ्रंट का निर्माण, सरकार ने मंजूर किए ₹84.15 करोड़

रायपुर। राजधानी रायपुर की जीवनदायिनी और आस्था की प्रतीक मां खारून नदी के तट को आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री Rajesh Munat के प्रयासों से ‘खारून रिवर फ्रंट’ परियोजना के निर्माण, विकास और सौंदर्यीकरण के लिए ₹84,15,82,000 की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति छत्तीसगढ़ शासन के Public Works Department Chhattisgarh द्वारा जारी की गई है।

मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री का जताया आभार

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर विधायक राजेश मूणत ने प्रदेश के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि रायपुर की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति देकर मुख्यमंत्री ने शहर के विकास को नई दिशा दी है।उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री Arun Sao के प्रति भी उन्होंने कृतज्ञता जताई। मूणत ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के कुशल नेतृत्व में इस तकनीकी और भव्य परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी (B.I. No. 3907/2025-26) मिलना रायपुर पश्चिम के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।

परियोजना के क्रियान्वयन के लिए तय किए गए प्रमुख प्रावधान लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी आदेश (क्रमांक FINACC/6537/2025) के अनुसार इस परियोजना को निर्धारित तकनीकी मानकों के साथ क्रियान्वित किया जाएगा—

तकनीकी स्वीकृति: सक्षम अधिकारियों से तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद ही निविदा प्रक्रिया प्रारंभ होगी।डिजाइन और सौंदर्यीकरण: परियोजना की ड्राइंग और डिजाइन का विस्तृत परीक्षण कर अनुमोदन किया जाएगा ताकि रिवर फ्रंट आधुनिक और आकर्षक बने।

समयबद्ध निर्माण: परियोजना के लिए लगभग 90 प्रतिशत बाधारहित भूमि उपलब्ध सुनिश्चित की गई है।पारदर्शी प्रक्रिया: भू-अर्जन की स्थिति में राजस्व विभाग के साथ समन्वय कर सभी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

रिवर फ्रंट बनने से होंगे बहुआयामी लाभ आस्था और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा: मां खारून के तट पर सुव्यवस्थित घाटों का निर्माण होगा, जिससे श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठानों में सुविधा मिलेगी।

पर्यटन और मनोरंजन का केंद्र: विकसित होने वाले उद्यान, लाइटिंग और वॉकिंग ट्रैक नागरिकों के लिए प्रमुख आकर्षण बनेंगे।

पर्यावरण संरक्षण: तटबंधों के निर्माण से मिट्टी के कटाव पर नियंत्रण होगा और नदी के संरक्षण में मदद मिलेगी।

रोजगार के अवसर: रिवर फ्रंट के आसपास पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय युवाओं और छोटे व्यापारियों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होंगे।

विधायक राजेश मूणत ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘खारून रिवर फ्रंट’ परियोजना रायपुर पश्चिम सहित पूरे रायपुर शहर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी की जाएगी ताकि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण हो सके।

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CG Bulletin Desk1

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