यूथ कॉन्क्लेव में CM साय का युवाओं से सीधा संवाद, नई उद्योग नीति से युवा उद्यमियों को मिलेगा बढ़ावा, विकसित छत्तीसगढ़ 2047 में युवाओं की भागीदारी बढ़े : CM साय

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवा इनोवेटर्स, स्टार्टअप उद्यमियों और विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। युवाओं ने कृषि, स्टार्टअप, रोजगार, उद्योग, एक्सपोर्ट और स्थानीय संसाधनों से जुड़े सवाल मुख्यमंत्री के सामने रखे।
किसान का बेटा हूं, खेती-किसानी को करीब से समझता हूं : CM साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं से संवाद के दौरान अपने कृषि पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा, “मैं एक किसान का बेटा हूं। छोटे से गांव बगिया से आता हूं। मैंने अपने हाथों से नगर बैला भी चलाया है। वर्ष 1990 में पहली बार विधायक बना। खेती-बाड़ी का मुझे काफी अनुभव है और मैं किसानी से पूरी तरह परिचित हूं।”
विष्णु भोग को एक्सपोर्ट करने के लिए फंड की जरूरत

कॉन्क्लेव में युवा तरुण साहू ने मुख्यमंत्री से कृषि क्षेत्र में अपने काम और विष्णु भोग को विदेशों में एक्सपोर्ट करने की योजना को लेकर सवाल किया। उन्होंने बताया कि इसके लिए फंड की आवश्यकता है। जवाब में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह बड़े सौभाग्य का विषय है कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 75 प्रतिशत लोग कृषि कार्य से जुड़े हैं। छत्तीसगढ़ में धान की सैकड़ों प्रजातियां हैं और प्रदेश को धान का कटोरा कहा जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 100 से ज्यादा एक्सपोर्टर हैं। सरकार ने APEDA का सेंटर भी प्रदेश में शुरू किया है, जिससे कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बंपर पैदावार होती है और कई बार चावल के भंडारण एवं खपत की चुनौती सामने आती है।साय ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि खुशबूदार और गुणवत्तापूर्ण चावल का अधिक से अधिक निर्यात हो, जिससे किसानों को बेहतर बाजार मिले और सरकार पर भंडारण का दबाव भी कम हो।
500 करोड़ की स्टार्टअप योजना, युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने पर जोर
युवा प्रवीण डहरिया ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उद्यम के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए युवाओं को किस तरह की मदद मिल सकती है।मुख्यमंत्री साय ने बताया कि युवाओं और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार नई औद्योगिक नीति लेकर आई है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों के लिए इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो उद्यमी बड़े स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराएंगे, उनके लिए भी इंसेंटिव का प्रावधान है। उद्यमियों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है।साय के मुताबिक, नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद करीब 8 लाख 23 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्रदेश को प्राप्त हुए हैं।

2047 तक छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को 75 लाख करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य
एक छात्र ने मुख्यमंत्री से पूछा कि युवा नौकरी तलाशने वाले के बजाय नौकरी देने वाले कैसे बन सकते हैं। इस पर मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सरकार ने 2047 का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है और 10 मिशन पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ का GSDP करीब 6 लाख करोड़ रुपये के आसपास है और 2047 तक इसे 75 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। प्रदेश की देश के दूसरे राज्यों से बेहतर कनेक्टिविटी है और सरकार इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दिशा में भी काम कर रही है।उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश के करीब 20 प्रतिशत आयरन, कोयला और अन्य खनिज संसाधनों की आपूर्ति करता है। खनन क्षेत्र से प्रदेश को करीब 17 हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है।
स्थानीय युवाओं और स्थानीय संसाधनों को बढ़ावा देने पर जोर
कॉन्क्लेव में मेघा ने सरकारी कार्यालयों की सजावट के लिए बाहरी एजेंसियों से सेवाएं लेने को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि जब उद्यानिकी विभाग इस तरह के कार्य करने में सक्षम है, तो स्थानीय विभागों को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जाती। मुख्यमंत्री साय ने सवाल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोकल को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में युवाओं को अपनी प्रतिभा और सुझाव सामने रखने का अवसर मिल रहा है और सरकार युवाओं के अच्छे सुझावों पर अमल करेगी।
स्टार्टअप के लिए लोन और इंफ्लुएंसर्स को भी मिलेगा प्रोत्साह
युवा आन्या शर्मा ने स्टार्टअप शुरू करने के लिए लोन लेने में आने वाली दिक्कतों को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए सरकार की योजनाओं में प्रावधान किया गया है और युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।वहीं, इंफ्लुएंसर्स को प्रमोट करने से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में फिल्म सिटी का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि इससे जुड़े युवाओं और क्रिएटर्स की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाएगा।
युवाओं से संवाद के जरिए सामने आया नया विजन: यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री साय ने कृषि निर्यात, स्टार्टअप, उद्योग, रोजगार, स्थानीय संसाधनों और क्रिएटिव सेक्टर से जुड़े युवाओं के सवालों का जवाब दिया। संवाद के दौरान सरकार की नई औद्योगिक नीति, स्टार्टअप प्रोत्साहन और 2047 के विजन को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखी।




