छत्तीसगढ़

Big News: रायपुर, भुवनेश्वर समेत 11 हवाई अड्डों का होगा निजीकरण

पीपीपी मॉडल पर सौंपे जाएंगे, पांच समूहों में 50 साल के लिए पट्टे पर देने की तैयारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार रायपुर, भुवनेश्वर, वाराणसी और तिरुपति समेत देश के 11 हवाई अड्डों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी कर रही है। इन हवाई अड्डों को पांच समूहों में बांटकर 50 साल के लिए पट्टे पर दिए जाने का प्रस्ताव है।

WhatsApp Image 2026 09 22 at 9.10.11 PM

एक आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक, नागर विमानन मंत्रालय ने इन हवाई अड्डों के लिए निजी भागीदारों की नियुक्ति का प्रस्ताव तैयार किया है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (पीपीपीएसी) ने चार अगस्त को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी है।

पांच समूहों में बांटे जाएंगे हवाई अड्डे

प्रस्ताव के तहत पांच बड़े हवाई अड्डों को छह छोटे हवाई अड्डों के साथ समूह बनाकर निजी कंपनियों को सौंपा जाएगा। सभी हवाई अड्डों को एक ही समूह के तहत किसी एक कंपनी को दिए जाने की योजना है। रायपुर और औरंगाबाद को एक समूह में रखा गया है। इसी तरह भुवनेश्वर और हुबली को एक समूह में शामिल किया गया है। अमृतसर और कांगड़ा-गग्गल को भी एक समूह में रखा गया है। वाराणसी, गया और कुशीनगर को दूसरे समूह में शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। तिरुचिरापल्ली और तिरुपति हवाई अड्डों को पांचवें समूह में रखा गया है।

पहले भी छह हवाई अड्डे पीपीपी मॉडल पर दिए गए

सरकार इससे पहले वर्ष 2018-19 में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के छह हवाई अड्डों को पीपीपी मॉडल के तहत निजी कंपनियों को सौंप चुकी है। अब नए प्रस्ताव के जरिए 11 और हवाई अड्डों को निजी भागीदारी के तहत संचालित करने की तैयारी है।

कर्मचारियों को लेकर भी प्रस्ताव:हवाई अड्डों के निजीकरण के साथ एएआई के मौजूदा कर्मचारियों को लेकर भी व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। दस्तावेज के अनुसार, निजी परिचालक कंपनी के साथ संयुक्त प्रबंधन के तहत एक साल की अवधि का प्रस्ताव रखा गया है। इसके बाद परिचालक कंपनी को तीन साल तक एएआई के 60 प्रतिशत कर्मचारियों को बनाए रखने की व्यवस्था का प्रस्ताव है।

सरकार का यह कदम हवाई अड्डों के संचालन में निजी भागीदारी बढ़ाने और पीपीपी मॉडल के जरिए इनके प्रबंधन को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

cropped cg bulletin favicon
CG Bulletin Desk1

Show More

Related Articles

Back to top button
Home
Chhattisgarh
Search