Bird Survey 2026: बारनवापारा अभयारण्य में पक्षियों का सर्वे, 200 से अधिक पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड, देशभर से जुटे पक्षी प्रेमी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जैव-विविधता से समृद्ध बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में 16 से 18 जनवरी तक “बर्ड सर्वे 2026” का सफल आयोजन किया गया। तीन दिनों तक चले इस सर्वे के दौरान अभयारण्य क्षेत्र में लगभग 202 पक्षी प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की गई, जो राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
देश के 11 राज्यों से 100 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारीइस बर्ड सर्वे में देश के 11 राज्यों से 100 से अधिक बर्ड वॉचर्स, विशेषज्ञ, शोधकर्ता और प्रकृति प्रेमियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने वैज्ञानिक पद्धतियों के माध्यम से पक्षियों की पहचान, गणना और उनके व्यवहार से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा संकलित किया।
वैश्विक डाटाबेस का बनेगा हिस्सा
सर्वे के दौरान एकत्रित किया गया पक्षी डेटा अंतरराष्ट्रीय स्तर के वैश्विक बर्ड डाटाबेस में शामिल किया जाएगा। इससे न केवल छत्तीसगढ़ की जैव विविधता को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि पक्षी संरक्षण से जुड़े अनुसंधानों को भी मजबूती मिलेगी।
बार-हेडेड गूज बनी प्रमुख आकर्षण: इस वर्ष के बर्ड सर्वे की सबसे बड़ी आकर्षण प्रजाति बार-हेडेड गूज (Bar-headed Goose) रही, जिसकी उपस्थिति ने प्रतिभागियों और विशेषज्ञों का विशेष ध्यान खींचा। यह प्रवासी पक्षी क्षेत्र की पारिस्थितिकीय गुणवत्ता का भी संकेत देता है।
संरक्षण, बर्डिंग कल्चर और इको-टूरिज्म को बढ़ावा
विशेषज्ञों के अनुसार, यह सर्वे घटती संख्या वाली पक्षी प्रजातियों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही, इससे प्रदेश में बर्डिंग कल्चर को प्रोत्साहन मिलेगा और इको-टूरिज्म के नए अवसर भी सृजित होंगे।बर्ड सर्वे 2026 ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि बारनवापारा अभयारण्य न केवल वन्यजीवों का सुरक्षित आश्रय है, बल्कि पक्षी प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।




