
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में सड़क अधोसंरचना को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राज्य शासन की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी देने का आग्रह किया।

इस दौरान उन्होंने मुंबई – नागपुर समृद्धि मार्ग का विस्तार रायपुर तक करने, बिलासपुर बायपास निर्माण और भारत माला परियोजना के तहत रायपुर–बिलासपुर 6-लेन मार्ग को स्वीकृति प्रदान करने की मांग प्रमुखता से रखी।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि बिलासपुर शहर में बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव के कारण यातायात की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए उन्होंने उच्च न्यायालय बोदरी से सेंदरी तक लगभग 32 किलोमीटर लंबे फोरलेन बायपास के निर्माण का प्रस्ताव रखा। यह बायपास न केवल शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करेगा, बल्कि प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर और लॉजिस्टिक पार्क को रायपुर–बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधी कनेक्टिविटी भी देगा।
उप मुख्यमंत्री ने राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए मुंबई–नागपुर समृद्धि मार्ग को ग्रीनफील्ड सड़क के रूप में रायपुर तक विस्तारित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रायपुर–नागपुर–मुंबई एक्सेस कंट्रोल 8-लेन कनेक्टिविटी से कोयला, लौह अयस्क, स्टील और सीमेंट जैसे उत्पादों के परिवहन में तेजी आएगी और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारे से मजबूती से जोड़ा जा सकेगा।
इसके साथ ही श्री साव ने भारत माला परियोजना के अंतर्गत रायपुर के आरंग से बिलासपुर के दर्री तक करीब 95 किलोमीटर लंबे 6-लेन मार्ग के निर्माण की स्वीकृति का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि इस मार्ग के बनने से रायपुर से बिलासपुर की दूरी लगभग एक घंटे में तय हो सकेगी और राज्य की तीनों भारत माला परियोजनाएं आपस में सीधे जुड़ जाएंगी।
डिप्टी सीएम ने राज्य के 13 राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन और 8 सड़कों को नए राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का भी आग्रह किया। यह मुलाकात छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।




