DEO कार्यालय अग्निकांड: जांच रिपोर्ट में देरी, निष्पक्षता पर सवाल, तय समय सीमा खत्म, SIT जांच की मांग तेज

रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित DEO (जिला शिक्षा अधिकारी) कार्यालय में हुए अग्निकांड की जांच रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आने से विवाद गहराता जा रहा है। शासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति को 5 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन 8 दिन बीत जाने के बावजूद रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है।
जांच में हो रही देरी को लेकर अब समिति की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि जांच टीम के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही बुलडोजर चलाकर जली हुई इमारत को गिरा दिया गया, जिससे अहम भौतिक साक्ष्य नष्ट हो गए। ऐसे में पूरी जांच प्रक्रिया को संदिग्ध माना जा रहा है।
इस मामले में NSUI ने भी कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन का आरोप है कि जांच समिति ने केवल औपचारिक निरीक्षण किया और बिना गंभीर पड़ताल के ही वापस लौट गई। NSUI नेताओं का कहना है कि जिस तरह से साक्ष्य मिटाए गए, उससे यह स्पष्ट होता है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
DEO कार्यालय अग्निकांड से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और रिकॉर्ड के जलने की आशंका पहले ही जताई जा चुकी है। ऐसे में जांच रिपोर्ट का समय पर सामने न आना प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है।
अब विपक्षी संगठनों और छात्र संगठनों द्वारा इस पूरे मामले की SIT (विशेष जांच दल) से जांच की मांग तेज हो गई है। उनका कहना है कि केवल स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है और दोषियों की जवाबदेही तय हो सकती है।



