अतिसंवेदनशील जगरगुंडा पहुंचे डिप्टी CM विजय शर्मा, बोले हिंसा नहीं, विकास बनेगा सुकमा की नई पहचान

रायपुर। बस्तर अंचल के अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विकास की नई किरण पहुंचाने के संकल्प के साथ उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा आज सुकमा जिले के अतिसंवेदनशील ग्राम जगरगुंडा पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक समाज प्रमुखों—गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा—एवं जनप्रतिनिधियों के साथ आत्मीय संवाद किया।
समाज प्रमुखों ने बताया कि लंबे समय तक हिंसा और नक्सल गतिविधियों के कारण गांवों तक विकास नहीं पहुंच सका। सड़क, बिजली, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी बाधित रहीं। इस पर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट कहा कि अब सुकमा की पहचान हिंसा नहीं, बल्कि विकास से होगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन द्वारा नियद नेल्ला नार योजना चलाई जा रही है, जिसके तहत सुरक्षा कैंप केवल नक्सलवाद पर अंकुश लगाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने वाले ‘सुविधा केंद्र’ के रूप में कार्य कर रहे हैं। कई ऐसे गांव, जहां पहले सड़क, बिजली और पानी की समस्या थी, वहां अब सुविधाएं पहुंच रही हैं।

नक्सल हिंसा मुक्त गांवों को मिलेगा अतिरिक्त 1 करोड़
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जो ग्राम अपने भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा में लाकर स्वयं को ‘सशस्त्र नक्सल हिंसा मुक्त’ घोषित करेंगे, उन्हें इलवद पंचायत योजना के तहत 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विकास राशि दी जाएगी।
इसके साथ ही संबंधित जनपद सदस्य को 10 लाख रुपये,जिला पंचायत सदस्य को 15 लाख रुपयेक्षेत्रीय विकास के लिए प्रदान किए जाएंगे। यह राशि सीधे गांव के सर्वांगीण विकास और आधारभूत ढांचे पर खर्च होगी।
वनोपज से व्यवसाय की ओर बस्तर
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि बस्तर अंचल में अब वनोपज संग्राहक व्यवसायी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। गांवों में प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर वनोत्पादों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को पहले की तुलना में 4 से 5 गुना अधिक लाभ मिलेगा। इससे बस्तर में विकास का नया मॉडल तैयार हो रहा है।
उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील की कि वे जंगलों में भटक रहे युवाओं को पुनर्वास नीति का लाभ लेने और देश के विकास में भागीदार बनने के लिए प्रेरित करें, ताकि शासन और समाज मिलकर समग्र विकास सुनिश्चित कर सकें।
50 ग्रामीणों को मिले उन्नत किस्म के पौधे: कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के तहत सामग्री का वितरण किया, किसानों को उन्नत किस्म के मूंग और उड़द के बीज,उद्यानिकी विभाग द्वारा 50 कृषकों को टमाटर व बैंगन के पौधे, 17 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, 5 ग्राम समूहों को पावर वीडर, 5 संकुल संगठनों को 10 लाख रुपये, 76 समूहों को 11.40 लाख रुपये रिवॉल्विंग फंड, 63 समूहों को 37.80 लाख रुपये सीआईएफ राशि, 6 समूहों को बैंक लिंकेज के तहत 8 लाख रुपये की सहायता दी गई।

मोतियाबिंद मुक्त गांवों की दिशा में पहल: नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत मिशन दृष्टि के तहत डिप्टी सीएम शर्मा ने मोतियाबिंद पीड़ितों के लिए विशेष बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस बस के माध्यम से सिलगेर, कोंडासावली, तिमापुरम जैसे दुर्गम क्षेत्रों के 40 मरीजों को जिला अस्पताल पहुंचाकर पूर्ण उपचार कराया जाएगा। उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं को मिला सम्मानस्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पीएचसी बुरड़ी, गगनपल्ली और किस्टाराम को एनक्यूएएस (National Quality Assurance Standard) प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।उपमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर सेवाओं के लिए प्रोत्साहित भी किया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। यह दौरा स्पष्ट संकेत देता है कि बस्तर और सुकमा अब भय नहीं, बल्कि विकास और भरोसे की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।



