विधानसभा में छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न डॉक्यूमेंट – 2047 पर चर्चा जारी

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने रखा विकास का रोडमैप, GDP में ऐतिहासिक छलांग का लक्ष्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में रविवार को ‘छग अंजोर विज़न डॉक्यूमेंट–2047’ पर विस्तृत चर्चा जारी है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दस्तावेज़ प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह विज़न दीर्घकालीन लक्ष्य के साथ-साथ लघु एवं मध्यकालीन प्राथमिकताओं का स्पष्ट रोडमैप देता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ की GDP ₹5.67 लाख करोड़ है, जिसे 2047 तक ₹74 लाख करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
वित्त मंत्री ने राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य रखते हुए कहा कि UPA शासनकाल में भारत की अर्थव्यवस्था 10वें स्थान पर थी, जबकि आज देश चौथे स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य में बना एल्युमिनियम चंद्रयान और मंगलयान जैसे मिशनों में उपयोग हुआ है, तेजस फाइटर और विभिन्न रॉकेट्स में भी छत्तीसगढ़ निर्मित घटक लगे हैं। देशभर में रेल पटरियां भी यहीं बनी हैं। बेहतर प्रस्तुति के लिए उन्होंने सदन में प्रोजेक्टर के माध्यम से ऑडियो-वीडियो व ग्राफिकल प्रस्तुति की मांग भी रखी।
कांग्रेस की अनुपस्थिति पर तीखा हमला
वित्त मंत्री ने चर्चा के दौरान कांग्रेस की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज का दिन महत्वपूर्ण था, फिर भी विपक्ष नदारद रहा—जनता ऐसे प्रयासों को सबक सिखाएगी।
अजय चंद्राकर ने उठाए नीति संबंधी सवाल
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने विज़न डॉक्यूमेंट पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने गरीबी उन्मूलन, रोजगार की स्पष्ट परिभाषा, कृषि भूमि (1.25 लाख हेक्टेयर) व सिंचाई क्षेत्र में कमी, सतही जल नीति के अभाव, बीज-आत्मनिर्भरता, दुग्ध उत्पादन (6–7%), चारा उत्पादन, अलाइड सेक्टर की कमजोरी और क्षेत्रीय वित्तीय असंतुलन जैसे मुद्दों को उठाया। उन्होंने ‘मेड इन छत्तीसगढ़’ पर जोर देते हुए साइकिल असेंबली, मेडिकल उपभोग्य सामग्री (बैंडेज, रिएजेंट) के स्थानीय निर्माण की आवश्यकता बताई।
विज़न-2047 पर चर्चा ने विकास, उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य और क्षेत्रीय संतुलन जैसे अहम मुद्दों को केंद्र में रखा। सरकार ने दीर्घकालीन लक्ष्यों का खाका पेश किया, वहीं विधायकों के सवालों ने नीतिगत स्पष्टता और क्रियान्वयन पर व्यापक विमर्श को जन्म दिया।



