छत्तीसगढ़

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: माता-पिता को खोने के बाद भी नहीं टूटा हौसला, मिजोरम के इसाक ने जीता स्वर्ण

रायपुर। मिजोरम के युवा वेटलिफ्टर इसाक मालसावमटलुआंगा की कहानी संघर्ष, साहस और जज्बे की मिसाल बनकर सामने आई है। महज 16 साल की उम्र पूरी करने से पहले ही उन्होंने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया, लेकिन तमाम निजी मुश्किलों और पीठ की चोट के बावजूद उन्होंने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में पुरुष 60 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर सबका दिल जीत लिया।

इसाक ने स्नैच में दूसरा स्थान हासिल किया, लेकिन क्लीन एंड जर्क में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 235 किग्रा वजन उठाकर गोल्ड अपने नाम किया। जीत के बाद उनके चाचा ने उन्हें गले लगाकर इस उपलब्धि को खास बना दिया।

इसाक के पिता हेमिंग मालसावमटलुआंगा का 2018 में सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। उसी साल उन्होंने वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी। इसके बाद 2024 में उनकी मां को कैंसर होने का पता चला और बाद में उनका भी निधन हो गया। इस दोहरे आघात ने इसाक को पूरी तरह तोड़ दिया और वह लगभग खेल छोड़ने का मन बना चुके थे।

लेकिन उनके बचपन के कोच सोमा, चाचा और चाची ने उन्हें संभाला और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनके चाचा-चाची, जो आइजोल में एक छोटे रेस्तरां में काम करते हैं, उन्हें अपने साथ ले आए और उनकी पढ़ाई व खेल दोनों जारी रखने में मदद की।

इसाक फिलहाल इम्फाल स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) में प्रशिक्षण ले रहे हैं और साथ ही कक्षा 12 की पढ़ाई भी कर रहे हैं। 2025 में उन्होंने जूनियर प्रतियोगिता में रजत और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता था।पीठ की चोट के बावजूद रायपुर में उनका प्रदर्शन बताता है कि मजबूत इरादों के आगे मुश्किलें छोटी पड़ जाती हैं।

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CG Bulletin Desk1

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