अंबिकापुर में खनन विवाद तेज़, मैनपाट व अमेरा दोनों जगह ग्रामीणों का विरोध जारी

अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में इन दिनों खनन परियोजनाओं को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज़ हो रहा है। जहां मैनपाट क्षेत्र में प्रस्तावित नए बाक्साइट खदान को लेकर स्थानीय ग्रामीण आंदोलित हैं, वहीं अंबिकापुर के समीप SECL की अमेरा ओपनकास्ट खदान के विस्तार का भी विरोध किया जा रहा है। दोनों ही जगहों पर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सहमति की स्थिति नहीं बन पा रही है।
मैनपाट में ग्रामीण बोले बंजर जमीन बताकर खोल रहे खदान
ग्राम कंडराजा क्षेत्र के लगभग 137 हेक्टेयर भूमि में नए बाक्साइट खदान का प्रस्ताव है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और कंपनी ने उनकी खेती योग्य जमीन को बंजर घोषित कर दिया है, ताकि खदान खोलने में आसानी हो सके। इस प्रस्तावित खदान को लेकर 30 नवम्बर को मैनपाट में जनसुनवाई रखी गई है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि खदान के लिए स्थानीय किसानों के पट्टे निरस्त किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि मैनपाट क्षेत्र पहले से ही पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील है, और नई खदान से जलस्रोत व जैवविविधता पर असर पड़ेगा।
SECL की अमेरा ओपनकास्ट खदान पर विरोध
दूसरी ओर, अंबिकापुर के परसोडी क्षेत्र में SECL की अमेरा ओपनकास्ट खदान के विस्तार को लेकर भी विरोध तेज है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन और कंपनी जमीन अधिग्रहण के लिए दबाव बना रहे हैं।वहीं प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, खदान विस्तार से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर बनेंगे और स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन पा रही है।
दोनों क्षेत्रों में बढ़ी प्रशासन की चुनौती
मैनपाट और अमेरा दोनों ही स्थानों पर खनन विरोधी आवाजें राज्य सरकार के लिए नई चुनौती बन गई हैं।विशेषकर मैनपाट में प्रस्तावित बाक्साइट खदान को लेकर पर्यावरण प्रेमी संगठनों ने भी समर्थन जताया है और जनसुनवाई स्थगित करने की मांग उठाई है। वहीं, अमेरा में SECL और ग्रामीणों के बीच मध्यस्थता की कोशिशें जारी हैं।



