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राजनांदगांव में पीएम आवास नहीं मिलने पर मां-बेटे ने की आत्मदाह की कोशिश

राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले के डिलापहरी गांव में एक मां और उसके बेटे ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने से नाराज होकर आत्मदाह की कोशिश की। बताया जा रहा है कि दोनों ने ग्राम पंचायत में सरपंच और सचिव की मौजूदगी में अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया।

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घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। मां-बेटे ने सरपंच पर आत्मदाह के लिए उकसाने का आरोप भी लगाया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों की स्थिति कैसी है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया या नहीं। पुलिस घटना के कारणों और लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।

सरकार का दावा 10 लाख आवास पूर्ण

सूबे के पंचयात मंत्री विजय शर्मा कई अवसरों पर दावा कर चुके हैं कि 18 लाख स्वीकृत आवासों में से 10 लाख आवास पूरे होने की दिशा में हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि पात्र हितग्राहियों को आवास से वंचित किए जाने पर संबंधित जिला कलेक्टर की जवाबदेही तय होगी। राज्य सरकार पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए आवास प्लस योजना शुरू करने की भी तैयारी कर रही है। ऐसे में राजनांदगांव की घटना ने योजना के जमीनी क्रियान्वयन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

विपक्ष ने सरकार को घेरा

इस घटना पर विपक्ष ने भी सरकार को घेरा है। Congress Sanchar Pramukh सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार की पीएम आवास योजना केवल कागजों तक सीमित है। उनका कहना है कि लोग आवेदन देने के बाद भी पंचायतों के चक्कर काटने को मजबूर हैं और राजनांदगांव की घटना योजना की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है।

फिलहाल प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि संबंधित परिवार योजना के लिए पात्र था या नहीं, आवेदन की स्थिति क्या थी और आवास स्वीकृत न होने के पीछे वास्तविक कारण क्या थे। जांच के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

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