
दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के संगठन पर्व के तहत राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूर्णता की ओर बढ़ गई है। पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस वक्तव्य के अनुसार, पार्टी के संविधान एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के निर्वाचन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।

प्रेस वक्तव्य में बताया गया कि भारतीय जनता पार्टी के 36 प्रदेशों में से 30 प्रदेशों में प्रदेश अध्यक्षों का निर्वाचन पूर्ण हो चुका है, जो कि न्यूनतम आवश्यक 50 प्रतिशत से अधिक है। इसके पश्चात राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी क्रम में 16 जनवरी 2026 को निर्वाचन कार्यक्रम की अधिसूचना जारी की गई तथा निर्वाचन सूची का प्रकाशन किया गया।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 19 जनवरी 2026 (सोमवार) को अपराह्न 2 बजे से 4 बजे तक नामांकन प्रक्रिया संपन्न हुई। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नबीन के पक्ष में कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल किए गए।
नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सभी नामांकन पत्रों की गहन जांच की गई। जांच के उपरांत यह पाया गया कि प्रस्तुत किए गए सभी 37 नामांकन पत्र निर्धारित प्रारूप के अनुरूप एवं वैध हैं। इसके बाद नामांकन वापसी की अवधि भी समाप्त हुई।
राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने नामांकन वापसी की अवधि पूरी होने के पश्चात औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद हेतु केवल एक ही नाम, अर्थात नितिन नबीन का नाम प्रस्तावित हुआ है। इस प्रकार, पार्टी की संगठनात्मक प्रक्रिया के अंतर्गत नितिन नबीन का नाम निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सामने आया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन के दौरान देश के कई राज्यों के वरिष्ठ नेताओं को प्रस्तावक बनाया गया था। इस अवसर पर कई राज्यों के मुख्यमंत्री, मोदी मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्री और संगठन के प्रमुख नेता मौजूद रहे। विशेष रूप से राजनाथ सिंह और अमित शाह नितिन नबीन के प्रस्तावक रहे, जिसके चलते वे पूरी प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका में नजर आए।
ऐसा रहा नितिन नबीन का राजनीतिक सफर
नितिन नबीन, जेपी आंदोलन से राजनीति की शुरुआत करने वाले दिवंगत नेता नवीन किशोर सिन्हा के पुत्र हैं। उनका जन्म 23 मई 1980 को पटना में हुआ। उनका बचपन पीरमुहानी और लोहानीपुर क्षेत्रों में बीता। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने बिहार के प्रतिष्ठित सेंट माइकल हाई स्कूल से प्राप्त की। 10वीं के बाद उन्होंने दिल्ली से 12वीं की पढ़ाई पूरी की और आगे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे। वर्ष 2005 में पिता के असामयिक निधन के बाद नितिन नबीन राजनीति में सक्रिय हुए। उपचुनाव जीतकर वे विधायक बने और इसके बाद पटना पश्चिमी (वर्तमान बांकीपुर) क्षेत्र से लगातार जीत दर्ज करते रहे। वे अब तक पांच बार विधायक और तीन बार मंत्री रह चुके हैं। संगठन में उनकी कार्यक्षमता को देखते हुए उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, जहां उन्होंने 2016 से 2019 तक मजबूत कार्यकर्ता नेटवर्क खड़ा किया।
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनने के बाद उन्हें सिक्किम संगठन प्रभारी (2019) और बाद में छत्तीसगढ़ प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। छत्तीसगढ़ में 2023 के विधानसभा चुनाव और उसके बाद संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका को पार्टी नेतृत्व ने विशेष रूप से सराहा। यही वजह है कि अब उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे शीर्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पार्टी के इस फैसले को संगठनात्मक मजबूती और भविष्य की रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।




