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मर्सिडीज़ वाले सूदखोर वीरेंद्र तोमर का पुलिस ने निकाला जुलूस

रायपुर। कभी मर्सिडीज़ में सवार होकर शहर के कारोबारियों को धमकाने वाला और सूदखोरी के पैसों से आलीशान जिंदगी जीने वाला कुख्यात हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर अब पुलिस की गिरफ्त में है। रायपुर पुलिस ने उसे मध्यप्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया और कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर लाकर बनियान और ट्रैक पैंट में उसका जुलूस निकाला।अदालत ने वीरेंद्र तोमर को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।

ग्वालियर से गिरफ्तारी, रायपुर में जुलूस और बेहोशी का नाटक

रायपुर क्राइम ब्रांच ने लंबे समय से फरार चल रहे वीरेंद्र तोमर की लोकेशन ग्वालियर में ट्रेस की। वहां टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। रायपुर लाने के बाद पुलिस ने पहले उससे पूछताछ की, फिर पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में जुलूस निकाला। कभी सिर ऊंचा रखकर चलने वाला वीरेंद्र अब झुकी नजरों से, थरथराते कदमों के साथ चलता दिखा। जुलूस के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ी और वह अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। पुलिसकर्मियों ने उसे संभाला और थाने लाया गया। यह दृश्य देखने के लिए सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए।

सूदखोरी, ब्लैकमेलिंग और हिंसा का नेटवर्क: वीरेंद्र तोमर पर रायपुर के तेलीबांधा, सिविल लाइन और पुरानी बस्ती थानों में कई केस दर्ज हैं। इनमें सूदखोरी, ब्लैकमेलिंग, धोखाधड़ी, मारपीट, हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, वह व्यापारियों को ऊंचे ब्याज पर रकम उधार देता था और न चुकाने पर उन्हें धमकाकर संपत्तियों पर कब्जा करने की कोशिश करता था। कई पीड़ितों ने आरोप लगाया कि उसने ब्लैकमेल कर लाखों रुपये वसूले। उसकी गिरफ्तारी के बाद व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।

फरारी के दौरान कई राज्यों में छिपा

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वीरेंद्र जून से फरार था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह उत्तरप्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश में ठिकाने बदलता रहा। उसने बार-बार मोबाइल सिम भी बदलीं। हाल ही में उसकी अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज होने के बाद वह ग्वालियर में छिप गया था। रायपुर पुलिस ने गुप्त सूचना पर उसे दबोच लिया।

भाई अब भी फरार: वीरेंद्र का भाई रोहित तोमर भी इसी आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा है। रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने दोनों भाइयों पर ₹5,000-₹5,000 का इनाम घोषित किया था। अब जबकि वीरेंद्र पकड़ा गया है, रोहित की तलाश में पुलिस टीमें तीन राज्यों में दबिश दे रही हैं।

आर्थिक नेटवर्क पर जांच जारी: पुलिस सूत्रों के मुताबिक वीरेंद्र तोमर की गिरफ्तारी के बाद कई रसूखदार नामों और वित्तीय कड़ियों का खुलासा हो सकता है। पुलिस ने उसके बैंक खाते, संपत्तियां, मोबाइल रिकॉर्ड और ट्रांजैक्शन डेटा की जांच शुरू कर दी है।

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CG Bulletin Desk1

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