घायल मासूम के लिए फरिश्ता बनकर पहुंचे थे राहुल हरितवाल, सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचाया; पुलिस को सूचना देकर आरोपी सौतेला पिता और मां और कराया गिरफ्तार

रायपुर। राजधानी के तरुण नगर में तीन साल के मासूम के साथ मारपीट और सिगरेट से जलाने का मामला सामने आया है। मामले में बच्चे की मां और सौतेले पिता को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ के जिला संयोजक राहुल हरितवाल की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, जिन्होंने घायल बच्चे की जानकारी मिलते ही सबसे पहले मौके पर पहुंचकर उसे उपचार की व्यवस्था कराने की पहल की।
गौरतलब है कि राहुल हरितवाल को अपने एक परिचित के माध्यम से 14 अक्टूबर को पंडरी क्षेत्र की तरुण नगर बस्ती में एक घायल बच्चे के असहाय अवस्था में होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे। बच्चे की हालत देखकर उन्होंने उसे उपचार दिलाने के लिए तत्काल कदम उठाया। राहुल बच्चे को लेकर पहले सिविल लाइन थाने पहुंचे, जहां मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद वे बच्चे को डॉक्टर सुरेंद्र शुक्ला के पास ले गए, जहां उसका उपचार कराया गया। डॉक्टर शुक्ला ने बच्चे का निःशुल्क इलाज किया।


सौतेले पिता की क्रूरता का शिकार हुआ मासूम
बच्चे के साथ बेरहमी से मारपीट किसी और ने नहीं बल्कि उसके सौतेले पिता और उसकी मां द्वारा की गई थी। मारपीट में उसके हाथ में फ्रैक्चर होने और चेहरे पर सूजन आ गया था। बेरहम पिता ने बच्चे को सिगरेट से भी जलाया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और बाल संरक्षण विभाग ने मामले में कार्रवाई की। बच्चे को देखरेख और उपचार के लिए संबंधित विभाग की निगरानी में रखा गया है।
पुलिस ने आरोपी मां और पिता को किया गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने बच्चे की मां और सौतेले पिता के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला सामने आया और प्रिंट मीडिया में भी इसकी खबरें प्रकाशित हुईं। हालांकि, शुरुआती स्तर पर घायल बच्चे को मदद पहुंचाने और उसे पुलिस तथा उपचार तक ले जाने में राहुल हरितवाल की भूमिका भी इस घटनाक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।
राहुल हरितवाल ने घायल बच्चे की सूचना मिलने पर तत्काल मदद के लिए पहल की। उनकी इस भूमिका का उल्लेख इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी संकटग्रस्त बच्चे को समय पर उपचार और सुरक्षा तक पहुंचाना उसकी मदद की दिशा में पहला जरूरी कदम होता है। इस घटना में पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ घायल मासूम की सहायता के लिए आगे आए लोगों की भूमिका भी सामने आनी चाहिए।
“प्रचार नहीं, बच्चे की मदद करना प्राथमिकता थी” – राहुल हरितवाल
“इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राहुल हरितवाल ने कहा कि मेरा उद्देश्य किसी तरह का प्रचार या श्रेय लेना नहीं है। जब मुझे घायल मासूम के बारे में जानकारी मिली, तो लगा कि सबसे पहले बच्चे को मदद और उपचार मिलना चाहिए। इसी सोच के साथ मैं तत्काल मौके पर पहुंचा और बच्चे को उपचार दिलाने की पहल की। ऐसे मामलों में पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी जरूरी है, लेकिन पीड़ित को समय पर मदद मिलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। मेरा मानना है कि किसी असहाय की मदद करना हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है।”




