छत्तीसगढ़

रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर का 84 की उम्र में निधन, ‘रामायण’ फेम अरुण गोविल और सुनील लहरी ने जताया शोक

प्रेम सागर एक निर्माता और सिनेमैटोग्राफर थे। उन्होंने ‘अलिफ लैला’ जैसे कई प्रसिद्ध धारावाहिकों का निर्देशन किया था।

टीवी इंडस्ट्री को दूसरा बड़ा झटका लगा है। 31 अगस्त की सुबह पहले ‘पवित्र रिश्ता’ एक्ट्रेस प्रिया मराठे के निधन की खबर आई थी। बताया गया था कि उन्हें कैंसर था। अब रामानंद सागर के बेटे और प्रोड्यूसर प्रेम सागर ने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। उनका भी सुबह 10 बजे निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थे। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में वह एडमिट थे। जहां 31 अगस्त को डॉक्टर्स ने उन्हें घर ले जाने को कहा था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई के जुहू स्थित पवनहंस श्मशान घाट में प्रेम सागर का अंतिम संस्कार किया जाएगा। वह न सिर्फ रामानंद सागर के बेटे थे। बल्कि एक महान प्रोड्यूसर, सिनेमैटोग्राफर भी थे। उनके यूं जाने से फिल्म और टीवी जगत की हस्तियां शोक जता रही हैं। प्रेम सागर की उम्र 84 साल थी। उन्होंने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से ट्रेनिंग ली थी। वह 1968 बैच के स्टूडेंट थे।

प्रेम सागर के निधन पर अरुण गोविल-सुनील लहरी

प्रेम सागर के निधन पर ‘रामायण’ में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले सुनील लहरी ने शोक जताया है। उन्होंने एक्स हैंडल पर उनकी तस्वीर के साथ लिखा, ‘बिल्कुल चौंकाने वाली खबर, हमने रामायण के रामानंद सागर जी के बेटे प्रेम सागर जी को खो दिया, ओम शांति।’ इसके अलावा, अरुण गोविल ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘रामायण टीवी सीरियल का स्वरूप देकर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जन-जन तक भगवान श्रीराम की मर्यादा, आदर्श और शिक्षाओं को पहुंचाने वाले स्वर्गीय श्री रामानंद सागर जी के सुपुत्र एवं प्रसिद्ध फिल्म निर्माता श्री प्रेम सागर जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिवारजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ओम शांती।’

प्रेम सागर के टीवी शोज

प्रेम सागर ने रामानंद सागर के प्रोडक्शन हाउस सागर आर्ट्स के बैनर तले बने कई प्रोजेक्ट्स में स्टिल फोटोग्राफर और सिनेमेटोग्राफर के तौर पर काम करते थे। इन्होंने ‘अलिफ लैला’ डायरेक्ट किया था। इसके अलावा, ‘काकभुशुंडी रामायण’ (2024) और ‘कामधेनु गौमाता’ (2025) का भी निर्माण किया था। उन्होंने ‘हम तेरे आशिक हैं’ (1979), ‘बसेरा’ (2009) और ‘जय जय शिव शंकर’ (2010) जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया था।

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