
पूरी रात चला विरोध, बीजेपी – कांग्रेस के कार्यकर्ता भिड़े
रायपुर। साइंस कॉलेज मैदान स्थित चौपाटी को भारी विरोध के बीच आखिरकार हटा दिया गया। चौपाटी शिफ्टिंग को लेकर शुक्रवार देर रात से माहौल पूरी तरह गर्म रहा। नगर निगम द्वारा चौपाटी खाली करने के आदेश के बाद व्यापारी रातभर धरने पर बैठे रहे, जिसे कांग्रेस ने खुला समर्थन दिया। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय आधी रात से मौके पर मौजूद रहे और विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था दिए चौपाटी को हटाया जा रहा है, वहीं कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की जा रही है। रातभर विवाद बढ़ता रहा और सुबह होते-होते स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। सुबह निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ चौपाटी हटाने पहुंची। क्रेन और जेसीबी को अंदर लाया गया, जिसके बाद प्रदर्शन तेज हो गया।
क्रेन के आगे लेटे विकास उपाध्याय
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय चौपाटी की गुमठियों को शिफ्टिंग करने पहुंची क्रेन के आगे लेट गए और बुलडोजर की चाबी निकालकर कार्रवाई का खुलकर विरोध किया। उन्होंने कहा मेरे ऊपर से क्रेन गुजरेगी तभी चौपाटी हटा पाएंगे। एक नेता की जिद में 10 करोड़ का काम खत्म किया जा रहा है। विरोध कर रहे कुछ नेताओं को गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल ले जाया गया।
मूणत के घर के बाहर देर रात धरना

इसी मामले में शुक्रवार देर रात भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक बढ़ी, जो मारपीट में बदल गई। यह झड़प विधायक राजेश मूणत के बंगले के बाहर हुई, जहां कांग्रेसी कार्यकर्ता पहले से विरोध में धरने पर बैठे थे। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने एक्शन लिया और विकास उपाध्याय समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल पहुंचाया। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों द्वारा निगम की कार्रवाई में बाधा डाली जा रही थी।
कांग्रेस के विरोध पर डिप्टी सीएम साव का पलटवार
मामले पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कांग्रेस अपने दोहरे चरित्र को समझे। सत्ता में रहते हैं तो कुछ और, विपक्ष में कुछ और बोलते हैं।



